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केंद्र ने कोर्ट से कहा- चुनावी बॉन्ड नीतिगत निर्णय है, न्यायालय शुक्रवार को देगा आदेश
Thu, 11 Apr 2019 04:46 PM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Shilpa Thakur
Updated Thu, 11 Apr 2019 04:46 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : PTI
केंद्र ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय से कहा है कि राजनीतिक दलों को चंदे के लिए प्रारंभ की गई 'चुनावी बॉन्ड' योजना एक नीतिगत निर्णय है और इसे लेने में कोई 'खामी' नहीं निकाली जा सकती है। शीर्ष अदालत ने चुनावी बॉन्ड योजना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए कहा कि इस पर शुक्रवार को आदेश सुनाया जाएगा।
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प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि चुनावी बॉन्ड योजना की वैधानिकता को चुनौती देने वाले गैर सरकारी संगठन ऐसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की याचिका पर शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा।
इस संगठन ने अपनी याचिका में अंतरिम राहत देने का भी अनुरोध किया है। इसमें चुनावी बॉन्ड जारी करने पर रोक लगाने या चंदा देने वालों के नाम सार्वजनिक करने का अनुरोध शामिल है ताकि चुनावी प्रक्रिया में शुचिता बनी रहे।
न्यायालय में केंद्र का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने योजना का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य चुनावों में कालेधन के प्रयोग पर अंकुश लगाना है।
वेणुगोपाल ने कहा, "जहां तक चुनावी बॉन्डस योजना का संबंध है, यह सरकार का नीतिगत निर्णय है और किसी सरकार को नीतिगत फैसले लेने के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता।" उन्होंने कहा कि अदालत चुनाव पश्चात इस योजना की पड़ताल कर सकती है।
इस मामले में बुधवार को केंद्र और निर्वाचन आयोग ने चुनावी बॉन्ड के लिए चंदा देने वालों के मामले में गोपनीयता बनाए रखने के बारे में परस्पर विरोधी दृष्टिकोण अपनाया था। सरकार चंदा देने वालों के नाम गोपनीय रखना चाहती है जबकि निर्वाचन आयोग पारदर्शिता के लिए इनके नामों का उजागर करने के पक्ष में है।