फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha Election 2019: Haryana Congress leaders hesitate to fight polls

चुनाव लड़ने से दूर भाग रहे हैं हरियाणा कांग्रेस के महारथी! गुटबाजी भी चरम पर

Fri, 22 Mar 2019 07:16 PM IST
Vikas Kumar जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली   
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली    Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 22 Mar 2019 07:16 PM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Election 2019: Haryana Congress leaders hesitate to fight polls
bhupinder singh hooda - फोटो : फाइल फोटो

लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दल उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर रहे हैं। कहीं पर टिकट लेने के लिए नेताओं की भागदौड़ जारी है तो दूसरी ओर कई ऐसे नेता भी हैं जो चुनाव लड़ने की बजाए चुनाव प्रचार को अपनी पहली पसंद बता रहे हैं। लंबे समय से गुटबाजी का दंश झेल रही हरियाणा कांग्रेस भी एकाएक अपने महारथियों की पसंद बदलने से परेशान हो गई है। 

विज्ञापन


एक-दो नेताओं को छोड़कर बाकी तमाम बड़े नेता चुनाव लड़ने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान ने जनता के सामने इन नेताओं की एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए इन्हें एक बस में बैठाकर प्रदेश के कोने-कोने में घुमाने की योजना भी तैयार की है। खास बात है कि ये नेता बस में बैठकर चुनाव प्रचार करने के लिए तो तैयार हैं, मगर चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
विज्ञापन


पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 10 में से केवल एक ही सीट पर जीत हासिल हुई थी। सात सीटों पर भाजपा और दो सीटें इनेलो के खाते में गई थीं। दीपेंद्र हुड्डा को छोड़कर कांग्रेस के सभी दिग्गज अपनी सीट बचाने में असफल रहे। इसके बाद अशोक तंवर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन कांग्रेस में गुटबाजी खत्म नहीं हो सकी। यहां तक कि अशोक तंवर की कई जनसभाओं और यात्राओं में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल नहीं हुए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हुड्डा ने अपने स्तर पर जो कार्यक्रम आयोजित किए, वहां अशोक तंवर खेमा नदारद रहा। कुमारी शैलजा, किरण चौधरी, कुलदीप बिश्नोई और कैप्टन अजय यादव जैसे बड़े नेता भी एक साथ नहीं चले।हालांकि किरण चौधरी और अशोक तंवर जरूर एक मंच पर दिखाई देते रहे हैं।

लोकसभा चुनाव के लिए बनाई गई समन्वय समिति में अशोक तंवर, किरण चौधरी, कुमारी शैलजा, रणदीप सुरजेवाला, कुलदीप बिश्नोई, महेंद्र प्रताप सिंह, कैप्टन अजय सिंह यादव, दीपेंद्र हुड्डा, नवीन जिंदल, कैलाशो सैनी, अनिल ठक्कर, कुलदीप शर्मा, जयवीर सिंह बाल्मीकी और सरदार जयपाल सिंह लाली का नाम शामिल किया गया है। कमेटी की अभी एक बैठक हुई है, मगर इसमें कुलदीप बिश्नोई सहित कई नेता शामिल नहीं हुए।
 

चुनाव लड़ने से दूर क्यों भाग रहे धुरंधर नेता?

समन्वय समिति की पहली बैठक में भाग लेने वाले दो नेताओं से हुई एक खास बातचीत में यह बात निकलकर सामने आई है कि ज्यादातर बड़े चेहरे विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, मगर लोकसभा चुनाव उनकी प्राथमिकता में नहीं है। पांच माह बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। वे जानते हैं कि अब लोकसभा में हार गए तो उसका नुकसान विधानसभा में उठाना पड़ सकता है। यही वजह है कि अब ये नेता साथ मिलकर चुनाव प्रचार में जाने के लिए भी राजी हैं। लोकसभा चुनाव के संभावित उम्मीदवारों में शामिल ये नेता यह बात बखूबी जानते हैं कि पार्टी की गुटबाजी केवल एक-दो सीटों पर नहीं, बल्कि हर विधानसभा क्षेत्र में उन्हें नुकसान पहुंचाएगी। 

पिछले दिनों जींद विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी इसका खामियाजा भुगत चुकी है। अशोक तंवर, किरण चौधरी, कुमारी शैलजा, कैप्टन अजय यादव और दूसरे कई नेता यह कह चुके हैं कि इस बार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को भी लोकसभा चुनाव  लड़ना चाहिए। उन्हें सोनीपत सीट से टिकट देने की बात चल रही है। कुलदीप बिश्नोई ने तो इतना तक कह दिया है कि हिसार सीट से उनके बेटे को टिकट दिया जाए।

पार्टी आलाकमान को भी नेताओं की गुटबाजी का अहसास है। यही वजह है कि जो बड़े नेता अपने बच्चों के लिए टिकट मांग रहे हैं, पार्टी उन्हें खुद चुनाव में उतारने की योजना बना रही है। किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी जो कि भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से चुनाव लड़ती रही हैं, लेकिन इस बार किरण को टिकट दी जा सकती है।

रोहतक से मौजूदा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ही चुनाव मैदान में होंगे, जबकि उनके पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सोनीपत लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाने की बात हो रही है। कुलदीप बिश्नोई को हिसार से, कुमारी शैलजा अंबाला, अशोक तंवर सिरसा, कैप्टन अजय यादव गुडगांव, अवतार सिंह भड़ाना या महेंद्र प्रताप में से किसी को फरीदाबाद, कुलदीप शर्मा को करनाल और नवीन जिंदल व कैलाशो सैनी में से एक को कुरुक्षेत्र सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed