पांच साल में पीएम मोदी की पहली प्रेस कांफ्रेंस, ठीक उसी वक्त राहुल भी मीडिया से रूबरू
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शुक्रवार शाम नई दिल्ली में नरेंद्र मोदी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ अपने कार्यकाल की पहली प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। ठीक इसी समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी प्रेस वार्ता करने आए। ये प्रेस कांफ्रेंस एक तरह से खास बन गई क्योंकि पूरा देश लाइव कार्यक्रम के जरिए दोनों को देख और सुन रहा था।
इस दौरान राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी की पहली प्रेस कांफ्रेंस पर जमकर तंज कसा। नरेंद्र मोदी पर ताना मारते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद आज पहली बार नरेंद्र मोदी पत्रकारों को संबोधित कर रहे हैं। ऐसे में मैं भी उनसे एक सवाल पूछना चाहता हूं, क्या प्रधानमंत्री मोदी मेरे सवालों का जवाब देंगे?
BJP President Amit Shah: We started our election campaign from January 16...Our target was to win 120 Lok Sabha seats which we couldn't win the last time. We are confident that we'll receive good results pic.twitter.com/P80DRk8Tqz
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 17, 2019
ये शायद बहुत कम ऐसे मौकों में से एक था जब तीन बड़े नेताओं की प्रेस कांफ्रेंस एक ही समय पर हुई। एक तरफ पीएम मोदी और अमित शाह तो दूसरी तरफ राहुल गांधी। तमाम न्यूज चैनल भी दोनों प्रेस वार्ता को एक साथ ही दिखा रहे थे। राहुल ने इस मौके का इस्तेमाल पीएम मोदी पर हमले के लिए किया। उन्होंने सीथा राफेल पर ही सवाल उछाला।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से पूछा कि मैंने पहले भी कई बार राफेल को लेकर सवाल किया है, कई बार चैलेंज दिए हैं, आप मेरे चैलेंज को स्वीकार क्यों नहीं करते हैं? आप मुझसे राफेल पर डिबेट क्यों नहीं करते हैं? राहुल ने कहा कि मोदी जी मुझे राफेल पर बहस करने के लिए कहीं भी बुला लें, मैं आने को तैयार हूं।
मोदी-शाह की प्रेस कांफ्रेंस
इधर मोदी-शाह की कांफ्रेंस में भाजपा अध्यक्ष ने ही पत्रकारों के ज्यादातर सवालों का जवाब दिया। उन्होंने भाजपा पर राजनीति का स्तर गिराने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इन सब की शुरुआत कभी भी भाजपा की तरफ से नहीं की गई है। शाह ने भगवा और हिंदू आतंकवाद को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हिंदू आतंकवाद का पूरा कॉन्सेप्ट ही गलत है। इसका इस्तेमाल करके कांग्रेस ने हिंदू संस्कृति को बदनाम किया है, कांग्रेस अध्यक्ष को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।पूरी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपनी नीतियों और उपलब्धियों का बखान करने के साथ-साथ कांग्रेस पर भी निशाना साध, जबकि राहुल गांधी की प्रेस कांफ्रेंस भाजपा और नरेंद्र मोदी पर केंद्रित रही।
दोनों ने ही इस चुनाव में अच्छे प्रदर्शन का दावा करते हुए कहा कि 23 मई को जनता अपना फैसला सुना देगी, और फिर देश में उसी आधार पर काम होगा।