क्या सर किंटो जेनी ने चुनाव के नतीजों से पहले अरुणाचल में फहराया भाजपा का झंडा?
देश में चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ भी संभव है। कभी किसी की तस्वीर को काट-छांट कर वायरल किया जाता है, तो कभी गलत मैसेज के साथ गलत तस्वीर को शेयर किया जाता है। सोशल मीडिया ने फर्जी खबर फैलाने की हद तो तब पार कर दी जब 25 मार्च को पहले चरण के उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख के बाद से ही ट्विटर, फेसबुक और व्हॉट्सएप पर भाजपा को अरुणाचल प्रदेश में जीत की बधाई दी जाने लगी।
अरुणाचल प्रदेश में दो लोकसभा सीटें हैं, अरुणाचल प्रदेश वेस्ट और अरुणाचल प्रदेश ईस्ट। इन दोनों पर पहले चरण में सफलतापूर्वक मतदान हुआ। इसके उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख थी 25 मार्च, 2019। यहां अरुणाचल प्रदेश वेस्ट में कुल 7 प्रत्याशियों ने एक दूसरे को चुनौती दी, जबकि अरुणाचल प्रदेश ईस्ट में कुल 5 प्रत्याशी आमने-सामने थे।
लेकिन नामांकन की अंतिम तारीख यानी 25 मार्च के बाद से ही सोशल मीडिया पर ऐसे कई संदेश सामने आने लगे थे जिनमें सर किंटो जेनी नाम के व्यक्ति को अरुणाचल प्रदेश लोकसभा के लिए भाजपा का उम्मीदवार बताते हुए बधाईयां दी जा रही थीं। हालांकि इन संदेशों में सीट का नाम स्पष्ट नहीं है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि एनडीए के अलावा किसी और पार्टी के उम्मीदवार द्वारा पर्चा नहीं भरे जाने के कारण नामांकन के दौरान ही भाजपा उम्मीदवार सर किंटो जेनी लोकसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
इन वायरल संदेशों में लिखा हुआ है कि अरुणाचल में नामांकन के दौरान ही भाजपा का खाता खुल गया। किसी भी मतदाता ने एनडीए के सामने किसी दूसरी पार्टी का पर्चा नहीं भरा। कुछ मैसेज में तो सर किंटो जेनी को लोकसभा की जगह विधानसभा का ही उम्मीदवार बताया जा रहा है।
क्या कहती है अमर उजाला की पड़ताल?
इस वायरल मैसेज को लेकर अमर उजाला की पड़ताल कहती है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर बिल्कुल गलत है। अरुणाचल प्रदेश में पहले चरण के उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान ऐसा कोई वाकया सामने नहीं आया है, बल्कि कई पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपना नामांकन किया है। ऐसे कई सबूत हैं जो इस खबर को गलत साबित करते हैं।
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अरुणाचल प्रदेश की दोनों सीटों में से किसी में भी भाजपा की तरफ से सर किंटो जेनी नाम का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं है। यहां वेस्ट लोकसभा सीट से किरण रिजिजू और ईस्ट से तापिर गाओ भाजपा उम्मीदवार हैं।
वायरल मैसेज में यह साफ नहीं किया जा रहा है कि सर किंटो जेनी अरुणाचल प्रदेश की कौन सी लोकसभा सीट के उम्मीदवार हैं। -
इनमें से कुछ मैसेज सर किंटो जेनी को लोकसभा का उम्मीदवार बताते हैं, तो कुछ विधानसभा उम्मीदवार बता रहे हैं।
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अरुणाचल प्रदेश में 11 अप्रैल को हुए चुनावों में दोनो में से किसी भी सीट पर कोई अकेला उम्मीदवार नहीं था, इसलिए निर्विरोध निर्वाचन का सवाल ही खड़ा नहीं होता है। यहां देखें पहले चरण के उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट।
अमर उजाला की पड़ताल में यह खबर गलत निकली।
आपके लिए
अगर आपको भी सोशल मीडिया में वायरल हो रही किसी खबर पर संदेह है, तो कमेंट बॉक्स में लिखें। अमर उजाला खबर, की पड़ताल करेगा और सच्चाई आपके सामने होगी।