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योगी पर कार्रवाई: पहली बार किसी मौजूदा सीएम पर लगी चुनाव प्रचार की पाबंदी

Mon, 15 Apr 2019 04:07 PM IST
अमित मंडल चुनाव डेस्क, अमर उजाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला Published by: अमित मंडल Updated Mon, 15 Apr 2019 04:07 PM IST
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lok sabha chunav 2019: EC takes tough action against CM Yogi and BSP chief Mayawati
बरेली के फरीदपुर में सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यानाथ - फोटो : अमर उजाला
चुनाव प्रचार के दौरान आपत्तिजनक बयान को लेकर चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। आयोग ने सीएम योगी के 72 घंटे तक चुनाव प्रचार पर पाबंदी लगा दी है। वहीं, मायावती के 48 घंटे तक प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध मंगलवार सुबह छह बजे से लागू होगा।
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आचार संहित उल्लंघन को लेकर चुनाव आयोग ने सीएम योगी और बसपा सुप्रीमो मायावती पर बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने योगी पर 72 घंटे यानी तीन दिन के लिए चुनाव प्रचार की पाबंदी लगाई है। चुनावी इतिहास में यह पहली बार है जब किसी प्रदेश के सीएम पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। आयोग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद राजनीतिक दलों को कड़ा संदेश मिला है। 
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चुनाव प्रचार के दौरान तमाम नेताओं के विवादित बयान आते रहे। चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस जाते रहे। कार्रवाई कम ही मौकों पर नजर आई। इसे लेकर लगातार सवाल उठते रहे। फिर बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को तलब कर सख्त निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद ही सीएम योगी और मायावती पर सख्त फैसला लिया गया। 
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बहरहाल, ये पहला मौका है जब किसी राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री पर आयोग ने चुनाव के दौरान इतना बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी को चुनाव प्रचार के दौरान पहले भी एक बार चेताया गया था। शायद इसी वजह से उनपर 72 घंटे की पाबंदी लगी है। मायावती को पहला नोटिस मिला था इसलिए उनपर 48 घंटे की रोक लगाई गई। 

कब-कब हुई कार्रवाई?

इससे पहले 2014 चुनाव में चुनाव आयोग ने आजम खां पर बड़ी कार्रवाई की थी। भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उनपर जनसभा, रोडशो करने की पाबंदी लगा दी गई थी। 2014 में ही अमित शाह पर भी चुनाव आयोग ने प्रचार की पाबंदी लगाई लेकिन उनकी ओर से आश्वासन के बाद इसे हटा लिया गया। 

क्या कहा था योगी ने?

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सहारनपुर के देवबंद रैली में मुस्लिमों से सपा-बसपा गठबंधन को वोट देने की अपील की थी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर कांग्रेस, सपा और बसपा को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है।

योगी के इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा था और जवाब देने को कहा था। अपने जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी मंशा गलत नहीं थी। वह भविष्य में इस तरह के बयान देने में सतर्कता बरतेंगे। लेकिन आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए उनपर कड़ी कार्रवाई कर दी। 


सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जाति और धर्म को लेकर नेता विवादित भाषण देते आ रहे हैं। उनके भाषणों में अली और बजरंग बली का नाम लेकर भी विवादित टिप्पणियां सुनी जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान घृणा फैलाने वाली टिप्पणियों के मामले में चुनाव आयोग के प्रतिनिधि को तलब भी किया।
 
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