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Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha Chunav 2019: BJP spoke person cryed in press Confrence to hear the story of sikhs riots

सिख दंगों की पीड़िता के मुंह से उनकी आपबीती सुन, रो पड़े भाजपा प्रवक्ता

Sat, 11 May 2019 12:03 AM IST
Trainee Trainee डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: Trainee Trainee Updated Sat, 11 May 2019 12:03 AM IST
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Lok Sabha Chunav 2019: BJP spoke person cryed in press Confrence to hear the story of sikhs riots
सैम पित्रोदा - फोटो : PTI

कांग्रेस ने सैम पित्रोदा के सिख दंगों पर दिए गए बयान 'हुआ तो हुआ' को उनका निजी बयान बताकर इससे खुद को अलग कर लिया है। लेकिन आज भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सरदार आरपी सिंह की आंखों में उस समय आंसू आ गए जब वे सैम पित्रोदा के बयान पर एक प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे।

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आरपी सिंह ने कहा कि यह भयानक 'नरसंहार' था जिसमें हजारों सिख परिवारों को हमेशा के लिए तकलीफ दिया गया और उनके जख्मों पर नमक छिड़कने के लिए सिखों के हत्यारों को कांग्रेस पार्टी में और सरकार में ऊंचे पदों पर बैठा कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सिख दंगो की पीड़िता भी थी जिन्होंने अपनी आपबीती बताया कि किस तरह उनके पिता और भाई को उनकी आंखों के सामने जिंदा जला दिया गया था। भाजपा ने सैम पित्रोदा को कांग्रेस पार्टी से बाहर करने की मांग की है। 
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शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सरदार आरपी सिंह ने कहा कि सैम पित्रोदा राजीव गांधी के करीबियों में थे और वे उन्हें महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर सलाह भी देते थे। ऐसे में इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उपजी परिस्थितियों पर उन्होंने राजीव गांधी को सलाह न दी हो। उनके मुताबिक इस तरह सिख दंगों के असली आरोपी स्वयं राजीव गांधी और उनके सलाहकार सैम पित्रोदा थे, और अब सैम पित्रोदा को उनके किए के लिए सजा मिलनी चाहिए। 
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इसके पूर्व, राहुल गांधी के मुख्य सलाहकार माने जाने वाले सैम पित्रोदा ने एक बयान के दौरान यह कह दिया कि 84 दंगों में जो हुआ, सो हुआ, लेकिन केंद्र सरकार को अपने पिछले पांच सालों के कामकाज का हिसाब देना चाहिए। उनके 'जो हुआ, सो हुआ' वाक्यांश ने भाजपा को मौका दे दिया और उसने इसे एक मुद्दा बना दिया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अनेक संगठनों ने कांग्रेस के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कांग्रेस से माफी की मांग की।
 
रविवार को लोकसभा चुनाव के छठें चरण के लिए मतदान होना है। इसमें दिल्ली सहित अनेक राज्यों की ऐसी सीटें हैं जहां सिख अच्छी संख्या में रहते हैं। ऐसे मौके पर अगर यह मामला तूल पकड़ता है तो इससे कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। 

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