लॉकडाउन की कड़वी हकीकत और मजदूरों की मजबूरी की कहानियां,सात माह की गर्भवती 800 किमी दूर घर को पैदल निकली, श्रमिक ने चलते हुए तोड़ा दम
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लॉकडाउन के चलते कामकाज बंद होने से एक गर्भवती महिला को पैदल ही घर रवाना होना पड़ा। पति मुजीबुर रहमान के साथ घर के लिए निकली छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी एम रेणु सात माह की गर्भवती है। यह उनका पहला बच्चा है। रेणु और उनका पति 15 मजदूरों के समूह के साथ निकले हैं और फिलहाल, 170 किमी की दूरी तय कर चुके हैं।
रेणु ने बताया कि पैदल चलने के सिवाय उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्होंने श्रमिक ट्रेन में सीट पाने की भी कोशिश की थी, लेकिन जगह नहीं मिली। इसके बाद पैदल ही घर जाने का फैसला किया। रेणु और उनका पति हैदराबाद में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे। दोनों 2018 में यहां आए थे। लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो गया है। रेणु ने कहा, पैसे खत्म हो गए थे और हैदराबाद में जिंदा रहना हमारे लिए मुश्किल हो गया था।
गांवों में 50% लोगाें को नहीं मिल रहा भरपेट भोजन
लॉकडाउन से रोजगार व उद्योग धंधे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। एक सर्वे के मुताबिक, गांवों में 50 फीसदी लोगाें को भरपेट भोजन नहीं मिल रहा है। 12 राज्यों के गांवों में पांच हजार से ज्यादा घरों के इस सर्वे से पता चला है कि आधे लोग भोजन में कम चीजें खा रहे हैं। खाने की मात्रा में भी कमी आई है। सामाजिक संगठनों केे सर्वे में 68 फीसदी ने कहा कि उन्होंने भोजन में चीजों की संख्या घटा दी है।
50 फीसदी ने माना कि पहले के मुकाबले कम बार भोजन कर रहे हैं। वहीं, 24 फीसदी ने कहा कि अनाज दूसरों से मांगना पड़ा। 84 फीसदी ने बताया कि पीडीएस से राशन मिल रहा है, लेकिन 16 फीसदी को राशन नहीं मिल रहा है। 12 प्रतिशत को मुफ्त भोजन मिल रहा था।
सर्वे में पीडीएस व खरीफ सीजन के लिए केंद्र और राज्याें के निवेश को भी पैमाना बनाया गया। 28 अप्रैल से 2 मई तक 12 राज्यों के 47 जिलों के 5162 घरों में यह सर्वे कराया गया। इनमें मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, असम और कर्नाटक को शामिल किया गया।
ओडिशा के श्रमिक की 300 किमी चलने के बाद मौत
कोरोना महामारी को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान हैदराबाद से ओडिशा पैदल जा रहे एक प्रवासी मजदूर की 300 किमी चलने के बाद मौत हो गई। आशंका है कि मजदूर की मौत लू लगने से हुई है। मृतक ओडिशा का था। अधिकारियों ने बताया कि मजदूरों का समूह ओडिशा के मलकानगिरी जाने के लिए रविवार को हैदराबाद से पैदल निकला था।
अधिकारी ने बताया कि जब समूह मंगलवार को तेलंगाना के भद्राचलम पहुंचा, तो एक प्रवासी मजदूर के सीने में दर्द हुआ और उसने उल्टी की। इसके बाद वह बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। उसके मित्रों ने पुलिस को इस बारे में सूचित किया, जिसने उसे भद्राचलम के अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि मजदूर की मौत संभवत: लू लगने से हुई, क्योंकि उसकी त्वचा और मुंह सूखा हुआ था।
डॉक्टर ने प्रवासी मजदूर के मित्रों के हवाले से बताया कि उनमें से किसी भी व्यक्ति ने सोमवार दोपहर के बाद से कुछ भी नहीं खाया था। अधिकारियों ने श्रमिक के परिजन को उसकी मौत की सूचना दे दी और शव को मलकानगिरी ले जाने के लिए एक वाहन का प्रबंध किया। हैदराबाद और भद्राचलम के बीच सड़क से दूरी 310 किलोमीटर है।