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G20: ‘कृषि क्षेत्र कई चुनौतियों का कर रहा सामना’, PM मोदी ने जी20 कृषि मंत्रियों से क्यों कही ये बात? जानें

Fri, 16 Jun 2023 12:27 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 16 Jun 2023 12:27 PM IST
सार

पीएम ने कहा कि कृषि क्षेत्र वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। वैश्विक स्तर पर कृषि 250 करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका देती है। वैश्विक दक्षिण के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा कृषि का है। 

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lobally, agriculture provides livelihood for over 2.5 billion people, PM modi 's remarks at G20
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : एएनआई

विस्तार

जलवायु परिवर्तन के कारण असामान्य मौसम की घटनाएं तेजी से हो रही है। इसकी वजह से कृषि क्षेत्र को कई कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा ये चुनौतियां वैश्विक दक्षिण में महसूस की जा रही हैं। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में चल रही जी 20 कृषि मंत्रियों की तीन दिवसीय बैठक के लिए एक वीडियो संदेश में यह बात कही। 

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पीएम ने कहा कि कृषि क्षेत्र वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। वैश्विक स्तर पर कृषि 250 करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका देती है। वैश्विक दक्षिण के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा कृषि का है और यह क्षेत्र 60 प्रतिशत से अधिक नौकरियां देता है। आज यह क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। महामारी के कारण पैदा हुई आपूर्ति श्रृंखला की बाधा भू-राजनीतिक तनावों के चलते और अधिक बिगड़ गई है।

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वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि मानव सभ्यता का केंद्र है, इसलिए कृषि मंत्री के रूप में आपका कार्य केवल अर्थव्यवस्था के एक क्षेत्र को संभालने का नहीं है। आपका कंधे पर मानवता के भविष्य की एक बड़ी जिम्मेदारी है। विश्व स्तर पर करोड़ों लोगों को रोजगार देने वाला यही क्षेत्र है। इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए। 

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इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में भारत की नीति बैक टू बेसिक्स और मार्च टू फ्यूचर का मिश्रण है। पीएम ने कहा कि प्राकृतिक खेती के साथ-साथ प्रौद्योगिकी आधारित खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पूरे भारत में किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। वे सिंथेटिक उर्वरकों या कीटनाशकों का उपयोग नहीं कर रहे हैं। उनका ध्यान धरती माता का कायाकल्प करने पर है।

उन्होंने कृषि और भोजन की बर्बादी को कम करने और इसके बजाय कचरे से संपत्ति बनाने में निवेश करने पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आज जरूरत है कि कचरे से संपत्ति बनाने में निवेश करने पर तत्काल काम किया जाए।

उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों की पारंपरिक प्रथाएं हमें पुनर्योजी कृषि के विकल्प विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। हमें अपने किसानों को नवाचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी के साथ सशक्त बनाने की जरूरत है।

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