Election Results 2018: त्रिपुरा में BJP की सरकार, मेघालय और नगालैंड में त्रिशंकु के आसार
पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में चुनावी तस्वीर साफ होती दिख रही है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारी बढ़त की ओर दिख रही है। राज्य में भाजपा और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट के गठबंधन की सरकार बनती दिख रही है। वहीं मेघालय में कांग्रेस आगे है और नगालैंड में नगा पीपुल्स फ्रंट बहुमत की ओर बढ़ रही है। बता दें कि त्रिपुरा में 25 साल से वामदलों (CPI-M) की सरकार थी। लेकिन इस बार के नतीजों में भाजपा ने लेफ्ट को बड़ी शिकस्त दी।
भाजपा ने त्रिपुरा की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोगों की बदलाव की इच्छा को दिया। भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा, प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा में चार रैलियां की। उन्होंने कड़ी मेहनत की और राज्य के चुनाव प्रचार पर करीब से नजर रखी। श्रेय उन्हें ही मिलना चाहिए।
- त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को 43 सीटें मिली। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) ने 16 सीटें जीती हैं। बता दें कि त्रिपुरा में कुल 59 विधानसभा सीटें हैं। राज्य की राजधानी अगरतला में भाजपा को बहुमत मिलते देखकर पार्टी के कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। बहुत से कार्यकर्ता रोड पर नाचते हुए अपनी खुशी जाहिर करते हुए नजर आए।
- मेघालय में कांग्रेस 21 सीटों पर,भारतीय जनता पार्टी 2 सीट पर, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 2, नेशनल पीपुल्स पार्टी 19 सीटों पर जीत दर्ज कर की है। वहीं यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 6 सीटों पर और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट 4 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके अलावा 11 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। यहां कांग्रेस के उम्मीदवार और सीएम मुकुल संगमा ने अम्पति और सॉन्गसाक सीटें जीत ली हैं।
- नगालैंड में भाजपा 11 सीटों पर जीत दर्ज कर की, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने 27 सीटें जीतीं। वहीं नेशनल पीपुल्स पार्टी ने 2 सीटें, नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी ने 16 सीटों पर जीत हासिल की। इसके अलावा 1 निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत दर्ज कर चुका है।
- मेघालय की मॉफलांग सीट से जीते निर्दलीय उम्मीदवार एससे सन्न का कहना है- मैं किसी भी पार्टी को समर्थन देने के लिए तैयार हूं जो राज्य के लोगों के कल्याण के लिए काम करेगी।
- मेघालय में एनपीपी के राज्य प्रभारी ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाने के लिए गैर-कांग्रेसी पार्टी को समर्थन देने के लिए तैयार है।
- भाजपा का कहना है कि पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया है। मेघालय में गैर-कांग्रेस सरकार की उम्मीद है।
- चुनाव नतीजों पर केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा- एक तरह से पूरा पूर्वोत्तर राज्य भाजपा के साथ हो गया है। पहले हम कहा करते थे कांग्रेस मुक्त भारत। अब मुझे लगता है कि हम यह भी कह सकते हैं- वामपंथ मुक्त भारत।
- मेघालय के नतीजों पर भाजपा के मेघालय प्रभारी नलिन कोहली ने कहा- मेघालय में यदि आप दूसरी पार्टियों का प्रधर्शन देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि वोट कांग्रेस के खिलाफ है। नेता इस बात पर चर्चा करेंगे कि क्या चुनाव के बाद गठबंधन की संभावना हो सकती है।
- चुनाव नतीजों पर भाजपा के महासचिव राम माधव ने कहा- यह क्रांतिकारी परिणाम है जो त्रिपुरा की सुंदरी माता और राज्य के लोगों के आशीर्वाद से मिले हैं। इसमें पीएम मोदी और पार्टी के कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत भी शामिल है।
- चुनाव नतीजों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- भाजपा त्रिपुरा में एक ऐतिहासिक जीत के लिए तैयार है। मैं प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी और पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहता हूं। यहां तक कि नगालैंड और मेघालय में भी हमारा प्रदर्शन ऐतिहासिक है। यह भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण दिन है।
- अगरतला में भाजपा नेताओं ने शुरुआती रुझान में पार्टी के आगे चलने की खबर मिलने के बाद से ही सेलिब्रेशन करना शुरू कर दिया है।
- भाजपा नेता राम माधव का कहना है- जो रिजल्ट अभी सामने आ रहे हैं उनमें ज्यादातर पोस्टल बैलेट से हैं। ईवीएम मशीन को अभी खोला जाना बाकी है।
- सीपीआई की वृंदा करात का कहना है कि हमें पूरा विश्वास है। सभी राउंड की वोटों की गिनती को आने दीजिए, हम लीड कर रहे हैं।
- त्रिपुरा चुनाव में कांग्रेस एक सीट से आगे चल रही है। भारतीय जनता पार्टी यहां पांच सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
- मेघालय में कांग्रेस एक सीट से आगे है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं एनपीपी एक सीट से आगे चल रही है।
- त्रिपुरा में सीपीआईएम मोहनपुर और सिमना विधानसभा क्षेत्रों में आगे चल रही है।
- नगालैंड में पांच पर भाजपा, सात में एनडीपीपी और सात में एनपीएफ आगे चल रही है।
#TripuraElection2018 | CPIM is leading in Mohanpur and Simna constituencies.
— All India Radio News (@airnewsalerts) March 3, 2018
#PollsWithAIR
बता दें कि त्रिपुरा में 18 फरवरी को और नगालैंड और मेघालय में 27 फरवरी को चुनाव हुए थे। त्रिपुरा में सत्तारूढ़ सीपीएम और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। वहीं मेघालय और नगालैंड में भी यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी यहां अपनी विजयी पताका लहराने में कामयाब होती है या नहीं। एग्जिट पोल की मानें तो इन तीनों राज्यों में इस बार बीजेपी एक बड़ी ताकत के रूप में उभरेगी। दो एग्जिट पोल में यह कहा गया है कि त्रिपुरा में बीजेपी को सत्ता मिल सकती है। इस राज्य में पिछले 25 साल से लेफ्ट की सरकार है। इन राज्यों के चुनावी परिणाम से पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा, देश की राजनीति पर भी गहरा असर पड़ेगा।
नगालैंड में जहां इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा पार्टी साल 1993 से सत्तारूढ़ है। वहीं कांग्रेस को मेघालय में बेहतर नतीजों की आस है। त्रिपुरा में सबसे ज्यादा मशहूर उम्मीदवार मुख्यमंत्री माणिक सरकार हैं। सरकार को पांचवे कार्यकाल की आस है, उन्हें भारत का सबसे साफ-सुथरा राजनीतिज्ञ माना जाता है। उनके अलावा दूसरे प्रमुख उम्मीदवार हैं भाजपा के बिपलब देब और कांग्रेस के बिराजित सिन्हा।
Results being shown now are mostly from postal ballot count. EVMs are yet to be opened
— Ram Madhav (@rammadhavbjp) March 3, 2018
#WATCH: Huge crowd at Shillong Polo ground where people can see counting trends through a projector #MeghalayaElection2018 pic.twitter.com/iBHVpy2pvl
— ANI (@ANI) March 3, 2018
भगवा रंग में रंगता भारत
4 राज्य में कांग्रेस और घटक दल की सरकार
6 राज्य में अन्य का राज
67.85 फीसदी आबादी पर एनडीए शासन
7.78 प्रतिशत आबादी पर यूपीए का राज
24 प्रतिशत जनसंख्या पर अन्य का शासन
भाजपा मुख्यमंत्री वाले प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, त्रिपुरा और हिमाचल
भाजपा के सहयोगी दलों के मुख्यमंत्री हैं यहां
जम्मू एवं कश्मीर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, बिहार
यहां कांग्रेस के सीएम
मिजोरम, कर्नाटक, पंजाब, पांडिचेरी
अन्य दलों के शासन वाले राज्य
केरल, ओडिशा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और दिल्ली
24 साल बाद किसी पार्टी का देश में इतना दबदबा
1993 में कांग्रेस और सहयोगी दलों के पास 18 राज्यों में सत्ता थी