नगालैंड के नए सीएम होंगे लेजित्सु, 22 को लेंगे शपथ
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पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में एक सप्ताह से जारी राजनीतिक गतिरोध के बाद सोमवार को सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) की अगुवाई वाली डेमोक्रेटिक एलांयस आफ नगालैंड (डीएएन) के विधायकों ने आम राय से एनपीएफ अध्यक्ष एच. लेजित्सु को विधायक दल का नया नेता चुन लिया है।
वे 22 फरवरी को शपथ लेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने रविवार रात को दिल्ली से लौटने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल पीबी आचार्य ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उनसे वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने तक अपने पद बने रहने को कहा था।
एनपीएफ नेता व राज्यसभा सदस्य केजी केनी कहते हैं, लेजित्सु के शपथ लेने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। लेकिन फिलहाल मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वह कहते हैं कि राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए ही नेतृत्व परिवर्तन का फैसला किया गया।
दरअसल, महिला आरक्षण के मुद्दे ने जेलियांग की कुर्सी छीनी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक जेलियांग ने पहली फरवरी को होने वाले शहरी निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दे दी थी। लेकिन तमाम नगा संगठन सरकार के इस फैसले के खिलाफ लामबंद हो गए। ज्वायंट एक्शन कमेटी (जेएसी) और नगालैंड ट्राइब्स एक्शन कमेटी (एनटीएसी) के बैनर तले तमाम जातीय संगठन इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आए।
दो आरक्षण विरोधियों की मौत ने इस आंदोलन को और भड़का
हिंसक झड़पों में दो आरक्षण विरोधियों की मौत ने इस आंदोलन को और भड़का दिया। इन संगठनों ने पहले तो राज्य में बेमियादी बंद शुरू कर दिया और फिर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठा दी। आंदोलन बढ़ता देख राज्यपाल ने इन चुनावों को रद्द कर दिया था।
लेकिन तमाम संगठन इस बात पर अड़े थे कि जेलियांग के इस्तीफा नहीं देने तक वह अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे। आंदोलनकारी संगठनों ने राज्य के तमाम विधायकों को 17 फरवरी को जेलियांग से समर्थन वापस लेने का निर्देश दिया था।
उनको धमकी दी गई थी कि ऐसा नहीं करने की सूरत में उनको अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान अपने संबंधित चुनाव क्षेत्रों में कदम नहीं रखने दिया जाएगा। इसके बाद जेलियांग ने इस्तीफा देने के लिए तीन दिनों का समय मांगा। इस बीच, बुधवार रात को एनपीएफ के 42 विधायकों ने आमराय से पार्टी प्रमुख लेजित्सु को नया नेता चुन लिया।
इस मामले पर पूरे हफ्ते राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलता रहा। लेजित्सु को नेता चुनने वाले 42 विधायक तमिलनाडु की तर्ज पर शुक्रवार को अचानक असम के काजीरंगा नेशनल पार्क स्थित एक रिर्जाट में चले गए। दूसरी ओर, दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और दूसरे बीजेपी नेताओं की मध्यस्थता में पूर्व मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो को सत्ता की कमान सौंपने पर सहमति बनी। ध्यान रहे कि राज्य सरकार में बीजेपी भी सहयोगी है। कल रात तक रियो का नेता चुना जाना लगभग तय था। लेकिन देर रात विधायकों के असम से लौटने के बाद एक बार फिर तस्वीर बदली और सुबह की बैठक में लेजित्सु को आम राय से नया नेता चुन लिया गया।