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शिकागो यूनिवर्सिटी की वजह से नहीं छोड़ा पद, सरकार ने नहीं दिया कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव : राजन
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:13 PM IST
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रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि शिकागो यूनिवर्सिटी द्वारा छुट्टी नहीं बढ़ाने की वजह से उन्होंने पद नहीं छोड़ा था। उन्होंने कहा कि यह कभी मुद्दा ही नहीं था। वह रिजर्व बैंक में अधिक समय तक रहना चाहते थे, लेकिन उनके कार्यकाल को नहीं बढ़ाया गया।
एक साक्षात्कार में राजन ने कहा कि मैं इसको पूरी तरह खारिज करता हूं कि छुट्टी की वजह से मैंने पद छोड़ा। यह कभी मुद्दा नहीं था। विश्वविद्यालय से मेरे काफी अच्छे संबंध हैं। वे मुझे जितनी मर्जी छुट्टियां देने को तैयार थे।
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ उनके तीन साल के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए कभी कोई प्रस्ताव ही नहीं मिला। जिस वजह से उन्होंने पद छोड़ दिया। राजन ने कहा कि अपने विस्तार के लिए उन्होंने कभी सरकार का दरवाजा नहीं खटखटाया। हालांकि वह चाहते थे कि विस्तार मिले, ताकि वे बैंकिंग प्रणाली की डूबे कर्ज की समस्या का हल कर सकें।
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गौरतलब है कि पिछले साल 4 सितंबर को उनका तीन साल का कार्यकाल समाप्त हुआ था। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री राजन 1992 के बाद ऐसे पहले गवर्नर रहे जिन्हें पांच का कार्यकाल नहीं मिला।
राजन के पद छोड़ने के बाद इस बारे में काफी शोरशराबा होने पर सरकार के हलकों से यह कहा गया था कि उन्हें दो साल का विस्तार देने की पेशकश की गई थी। लेकिन शिकागो यूनिवर्सिटी द्वारा छुट्टियां नहीं बढ़ाए जाने की वजह से ऐसा नहीं किया जा सका।
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एक साक्षात्कार में राजन ने कहा कि मैं इसको पूरी तरह खारिज करता हूं कि छुट्टी की वजह से मैंने पद छोड़ा। यह कभी मुद्दा नहीं था। विश्वविद्यालय से मेरे काफी अच्छे संबंध हैं। वे मुझे जितनी मर्जी छुट्टियां देने को तैयार थे।
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उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ उनके तीन साल के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए कभी कोई प्रस्ताव ही नहीं मिला। जिस वजह से उन्होंने पद छोड़ दिया। राजन ने कहा कि अपने विस्तार के लिए उन्होंने कभी सरकार का दरवाजा नहीं खटखटाया। हालांकि वह चाहते थे कि विस्तार मिले, ताकि वे बैंकिंग प्रणाली की डूबे कर्ज की समस्या का हल कर सकें।
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गौरतलब है कि पिछले साल 4 सितंबर को उनका तीन साल का कार्यकाल समाप्त हुआ था। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री राजन 1992 के बाद ऐसे पहले गवर्नर रहे जिन्हें पांच का कार्यकाल नहीं मिला।
राजन के पद छोड़ने के बाद इस बारे में काफी शोरशराबा होने पर सरकार के हलकों से यह कहा गया था कि उन्हें दो साल का विस्तार देने की पेशकश की गई थी। लेकिन शिकागो यूनिवर्सिटी द्वारा छुट्टियां नहीं बढ़ाए जाने की वजह से ऐसा नहीं किया जा सका।