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Hindi News ›   India News ›   Law Minister Kiren Rijiju told in Rajya Sabha that 71411 cases pending in Supreme Court

Parliament: कानून मंत्री ने राज्यसभा को बताया- सर्वोच्च न्यायालय में कुल में 71411 मामले लंबित

Fri, 05 Aug 2022 06:58 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 05 Aug 2022 06:58 AM IST
सार

किरेन रिजिजू ने कहा कि शीर्ष कोर्ट में कुल मामलों में से 10491 मामले पिछले 10 साल से अधिक समय से लंबित हैं। लंबित केसों का निपटारा न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है।

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Law Minister Kiren Rijiju told in Rajya Sabha that 71411 cases pending in Supreme Court
किरेन रिजिजू - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

Parliament: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि सुप्रीम कोर्ट में 71 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। वहीं, इसमें से 10 हजार से अधिक मामले पिछले एक दशक से ज्यादा से लंबित हैं। एक लिखित प्रश्न के जवाब में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि शीर्ष कोर्ट के समक्ष 2 अगस्त तक 71,411 मामले लंबित थे। इसमें से 56 हजार से अधिक दीवानी मामले और 15 हजार से अधिक आपराधिक मामले शामिल थे। 

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उन्होंने कहा कि शीर्ष कोर्ट में कुल मामलों में से 10,491 मामले पिछले 10 साल से अधिक समय से लंबित हैं। वहीं, 42 हजार से अधिक मामले पांच साल से कम और 18,134 मामले पांच से 10 साल के बीच लंबित थे। 
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मामले में 50 फीसदी की वृद्धि हुई
रिजिजू ने कहा, 2016 में कई हाईकोर्ट में 40,28,591 मामले थे। गत 29 जुलाई तक उनकी संख्या बढ़कर 59,55,907 हो गई। इसमें 50% की वृद्धि हुई है। जिला और अधीनस्थ अदालतों में भी 50% मामले बढ़े हैं।
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कोई समय-सीमा तय नहीं  
मंत्री ने कहा, लंबित केसों का निपटारा न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। अदालतों से केसों का निपटान सतत प्रक्रिया है, लेकिन संबंधित अदालतों द्वारा मामलों के निपटारे के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं है।

प. यूपी की दिक्कत मालूम है, पर हाईकोर्ट पीठ का प्रस्ताव नहीं
विधि एव न्याय राज्यमंत्री एसपी बघेल ने उच्च सदन को बताया, इस समय में देश के किसी भी भाग में हाईकोर्ट की पीठ स्थापित करने का कोई प्रस्ताव केंद्र के समक्ष लंबित नहीं है। बघेल ने कहा, मुझे मालूम है कि पश्चिम यूपी के लोगों को इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचने में दिक्कत होती है। राज्य में कई स्थानों से यह दूरी 800 किमी तक दूर है। 


एसपी बघेल ने कहा, पश्चिम यूपी में हाईकोर्ट की पीठ बनाने का कोई पूर्ण प्रस्ताव उनके समक्ष नहीं है। पीठ की स्थापना के लिए कानूनी प्रावधान और सांविधानिक व्यवस्था है।

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