फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Law Commission recommends comprehensive law to deal with NRIs, OCIs marrying Indian citizens

Law Commission: NRI के साथ भारतीय नागरिकों की शादी का देश में पंजीकरण अनिवार्य हो, पढ़ें रिपोर्ट

Fri, 16 Feb 2024 03:33 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Fri, 16 Feb 2024 03:33 PM IST
सार

जस्टिस अवस्थी ने रिपोर्ट के बारे में बृहस्पतिवार को कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को पत्र लिखकर कहा, एनआरआई-ओसीआई के साथ भारतीय नागरिकों के बीच शादी के मामलों में बढ़ती धोखाधड़ी चिंताजनक है। लिहाजा, ऐसे विवाहों का देश में पंजीकरण अनिवार्य किया जाए।

विज्ञापन
Law Commission recommends comprehensive law to deal with NRIs, OCIs marrying Indian citizens
विधि आयोग

विस्तार

विधि आयोग ने अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) व भारतवंशी विदेशी नागरिकों (ओसीआई) के साथ भारतीय नागरिकों के विवाह से जुड़े मामलों में बढ़ती धोखाधड़ी को चिंताजनक बताया है। आयोग ने सरकार को सलाह दी है कि एनआरआई व ओसीआई के साथ भारतीयों के विवाह का देश में ही पंजीकरण अनिवार्य किया जाए। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) ऋतुराज अवस्थी ने विधि मंत्रालय को अनिवासी भारतीयों व भारत के प्रवासी नागरिकों से संबंधित वैवाहिक मुद्दों पर कानून शीर्षक से रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट की सिफारिशों के मुताबिक प्रस्तावित केंद्रीय कानून एनआरआई और ओसीआई के भारतीय नागरिकों के साथ विवाह से जुड़े सभी पहलुओं को समेटने के लिहाज से व्यापक होना चाहिए।
विज्ञापन


जस्टिस अवस्थी ने रिपोर्ट के बारे में बृहस्पतिवार को कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को पत्र लिखकर कहा, एनआरआई-ओसीआई के साथ भारतीय नागरिकों के बीच शादी के मामलों में बढ़ती धोखाधड़ी चिंताजनक है। लिहाजा, ऐसे विवाहों का देश में पंजीकरण अनिवार्य किया जाए। इसके अलावा ऐसा व्यापक कानून बनाया जाए, जिसके तहत तलाक, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और भरण-पोषण, एनआरआई तथा ओसीआई को समन, वारंट या न्यायिक दस्तावेज तामील करने के प्रावधान सुनििश्चत किए जा सकें।
विज्ञापन


पति-पत्नी के पासपोर्ट को एक-दूसरे के साथ जोड़ने की सिफारिश
विधि आयोग की सिफारिशों में कहा गया है कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 में संशोधन कर ऐसे विवाहों में शामिल पति-पत्नी के पासपोर्ट को एक-दूसरे के साथ जोड़ा जाए। दोनों के पासपोर्ट पर विवाह पंजीकरण संख्या का उल्लेख और वैवाहिक स्थिति की घोषणा करना अनिवार्य किया जाए। पंजीकरण और पासपोर्ट में वैवाहिक स्थिति की जानकारी एक वैध साक्ष्य होगा और इससे रिकॉर्ड रखना आसान हो जाएगा। इसके अलावा विदेश में मदद करने के लिहाज से यह दस्तावेज विदेश मंत्रालय के लिए आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। आयोग ने कहा िक कई रिपोर्ट इस बात को उजागर करती हैं जहां ऐसी शादियां धोखाधड़ी साबित हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विदेश मंत्रालय ने की थी जांच की मांग
पिछले वर्ष विदेश मंत्रालय ने विधि आयोग से भारत के अनिवासी विवाहों के मुद्दों की जांच की मांग की थी। विदेश मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों के साथ विवाह करने वाली भारतीय महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की भारी शिकायतें आने की बात कही थी। आयोग ने कानून मंत्री को याद दिलाया कि इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए अनिवासी भारतीय विवाह पंजीकरण विधेयक, 2019 को 11 फरवरी, 2019 को राज्यसभा में पेश किया गया था। 16वीं (पिछली) लोकसभा ने विधेयक को विदेश मामलों की समिति को भेजा था। 17वीं लोकसभा के गठन के बाद उसी विधेयक को आगे की पड़ताल के लिए फिर से विदेश मामलों की समिति के पास भेज दिया गया था। विचार-विमर्श जारी रहने के बीच विधि आयोग को विदेश मंत्रालय से एनआरआई विधेयक, 2019 पर एक संदर्भ प्राप्त हुआ, जो गत अप्रैल में विधि मंत्रालय के माध्यम से मिला।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed