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Ajit Pawar: लोकसभा चुनाव में हार के बाद 'लाड़ली बहना' का आया विचार, पवार बोले- शिवराज सिंह चौहान से ली सलाह

Fri, 09 Jan 2026 06:51 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 09 Jan 2026 06:51 PM IST
सार

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने बताया कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने 'लाड़ली बहना' योजना शुरू की थी। इसके लिए मध्य प्रदेश के मॉडल और शिवराज सिंह चौहान की सलाह ली गई। पवार ने माना कि इससे खजाने पर असर पड़ता है, लेकिन विकास कार्य जारी रहेंगे। 

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अजित पवार, डिप्टी सीएम, महाराष्ट्र - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को एक अहम खुलासा किया। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों में महायुति गठबंधन को मिली हार के बाद सरकार ने महिलाओं के लिए 'लाड़ली बहना' योजना शुरू करने का फैसला लिया था। इसके लिए उन्होंने बीजेपी नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सलाह ली थी।
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पावार ने क्या कहा?
एक मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में पवार ने स्वीकार किया कि कल्याणकारी योजनाओं से सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि पैसों की कमी के कारण महाराष्ट्र का विकास रुकने नहीं दिया जाएगा।  आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की योग्य महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं। राज्य के बजट पर दबाव डालने की आलोचना का जवाब देते हुए पवार ने कहा कि महिलाओं के लिए कैश ट्रांसफर कार्यक्रम देश भर में एक आम बात हो गई है। कई राज्यों में इन्हें लागू किया जा रहा है।
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पवार ने कहा हाल के बिहार चुनावों के दौरान, महिलाओं को एक बार में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। यह उनका अधिकार था। हर कोई चुनाव जीतना चाहता है और लोगों को साथ लाने के लिए ऐसी योजनाएं शुरू की जाती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) महायुति गठबंधन को 2024 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र की 48 सीटों में से केवल 17 सीटें जीतने के बाद अपनी राजनीतिक रणनीति का फिर से मूल्यांकन करना पड़ा।

लाड़ली बहना योजना पर चौहान से की बात
विधानसभा चुनाव में मुश्किल से पांच महीने बचे थे। ऐसे में मतदाताओं का भरोसा फिर से जीतने के लिए गठबंधन को अपनी रणनीति पर विचार करना पड़ा। उस समय पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना काफी लोकप्रिय थी। पवार ने कहा, "हमने 'मामा जी' (शिवराज सिंह चौहान) से बात की। उन्होंने हमें योजना के बारे में विस्तार से बताया। उस चर्चा के आधार पर हमने इसे महाराष्ट्र में अपनाया।" इसके अलावा सरकार ने कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली देने का भी निर्णय लिया।


विकास पर क्या बोले पवार?
डिप्टी सीएम ने कहा, "जब सरकार पर इतनी बड़ी योजनाएं चलाने की जिम्मेदारी होती है, तो इससे कुछ क्षेत्रों में विकास पर असर पड़ता है। हालांकि, विकास जरूरी है। दूसरे खर्चों को कम किया जा सकता है ताकि कल्याणकारी योजनाएं और विकास साथ-साथ चलें।" पवार ने बताया कि महाराष्ट्र में वाधवान बंदरगाह, मेट्रो और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर सहित कई बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने आगे कहा, "कल्याणकारी योजनाएं जारी रहने के बावजूद बहुत सारा विकास कार्य चल रहा है।"

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बता दें कि यह योजना जुलाई 2024 में शुरू हुई थी और नवंबर के विधानसभा चुनावों में महायुति ने बड़ी जीत हासिल की। हालांकि, मौजूदा राजनीति में एक नया मोड़ आया है। 15 जनवरी को पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में होने वाले नगर निकाय चुनावों में अजीत पवार की एनसीपी महायुति के साथ नहीं, बल्कि शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है।

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