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लद्दाख तनाव: भारत-चीन के बीच 12 जनवरी को होगी कोर कमांडर स्तर की बातचीत, 13वां दौर रहा था बेनतीजा
Fri, 07 Jan 2022 07:27 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 07 Jan 2022 07:27 PM IST
सार
अक्तूबर में कोर कमांडर स्तर की सैन्य वार्ता का 13वां दौर भारतीय सेना के साथ गतिरोध में समाप्त हुआ था। भारतीय पक्ष के सुझाव चीनी पक्ष को स्वीकार्य नहीं थे।
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India China Army on LAC
- फोटो : social media
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विस्तार
एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की वार्ता की तारीख तय हो गई है। दोनों देशों के बीच 12 जनवरी को 14वें दौर की बातचीत होगी। इससे पहले 13वें दौर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला था।
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यह पहली बार होगा जब भारतीय सेना के फायर एंड फ्यूरी कोर कमांडर के लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता बातचीत के दौरान देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने मंगलवार को आधिकारिक रूप से पदभार संभाला था।
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अक्तूबर में हुई थी 13वें दौर की वार्ता
अक्तूबर में कोर कमांडर स्तर की सैन्य वार्ता का 13वां दौर भारतीय सेना के साथ गतिरोध में समाप्त हुआ था। भारतीय पक्ष के सुझाव चीनी पक्ष को स्वीकार्य नहीं थे। 18 नवंबर को अपनी वर्चुअल राजनयिक वार्ता में भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में बाकी संघर्ष वाली जगहों पर डिसइंगेजमेंट के उद्देश्य को हासिल करने के लिए 14 वें दौर की सैन्य वार्ता को जल्द से जल्द आयोजित करने पर सहमत हुए थे।
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पैंगोंग झील क्षेत्र में हुई थी हिंसक झड़प
पैंगोंग झील क्षेत्रों में हिंसक झड़प के बाद 5 मई 2020 को भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध शुरू हो गया था। दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे हजारों सैनिकों के साथ-साथ भारी हथियारों को लेकर तैनाती बढ़ा दी। सैन्य और कूटनीतिक वार्ता की एक श्रृंखला के बाद दोनों पक्षों ने पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट पर और गोगरा क्षेत्र में सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की। अभी संवेदनशील क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों देशों के लगभग 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं।