{"_id":"5ef018792ddcfc5fe33ae4de","slug":"lac-situation-continues-to-remain-tense-indian-chinese-armies-fully-deployed-air-bases-activated","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलएसी पर स्थिति तनावपूर्ण, दोनों सेनाएं पीछे हटने को तैयार नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एलएसी पर स्थिति तनावपूर्ण, दोनों सेनाएं पीछे हटने को तैयार नहीं
Mon, 22 Jun 2020 08:06 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 22 Jun 2020 08:06 AM IST
विज्ञापन
बैली ब्रिज, गलवां घाटी
- फोटो : Exclusively Managed
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। भारत और चीन दोनों पक्षों की सेनाएं यहां तैनात हैं, एयरबेस को सक्रिय किया जा चुका है। इसके अलावा नौसेना को अलर्ट पर रखा गया है। बता दें कि दोनों सेनाओं के बीच 15-16 जून की दरमियानी रात को गलवां घाटी में हिंसक झड़प हुई थी।
विज्ञापन
गलवां की घटना के बाद से स्थिति बेशक और ज्यादा खराब नहीं हुई है लेकिन चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने लगातार अपने सैनिकों की संख्या में वृद्धि करके उन्हें स्टैंडबाय पर रखा हुआ है। इस बात की जानकारी भारतीय अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने कहा कि शिनजियांग और तिब्बत क्षेत्रों में पीएलए के निर्माण के जवाब में भारतीय सेना की स्थिति में भी बदलाव किया जा रहा है।
विज्ञापन
दोनों देश वायुसेना के जरिए एक-दूसरे पर सर्विलांस की मदद से नजर रख रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय सैन्य कमांडरों ने बल का उपयोग करने के निर्देश जारी किए हैं यदि पीएलए के सैनिक भारतीय गश्ती पोस्ट 14 पर हमला करने के लिए गलवां नुल्लाह को पार करते हैं। पीएलए ने नुल्लाह पर अपने सैनिकों को तैनात कर रखा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-भारत का बीजिंग को स्पष्ट संदेश, चीनी फॉरवर्ड एयरबेस पर भेजे लड़ाकू विमान
अधिकारी ने बताया कि जमीन की स्थिति 16 जून की तरह ही है। दोनों ही सेनाएं इस समय पीछे हटने को तैयार नहीं हैं जैसा कि छह जून को लेफ्टिनेंट-जनरल की बैठक में तय किया गया था। वरिष्ठ भारतीय सैन्य कमांडर अक्साई चिन क्षेत्र में पीएलए की गतिविधियों को देख रहे हैं जबकि विदेश मंत्रालय राजनयिक समाधान की तलाश कर रहा है।
एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक ने कहा, ‘स्थिति कुछ हद तक शांत हो गई है लेकिन चीन ने गलवां घाटी में जिस तरह की पोजिशन ली हुई है उसके कारण सेनाओं के पीछे हटने में अभी थोड़ा समय लगेगा।’