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केंद्रीय मंत्री मुरुगन का इस्तीफा: राज्यसभा सीट छोड़ी, पीएम को लिखा पत्र; कहा- पार्टी के लिए करता रहूंगा काम
Tue, 13 Oct 2026 06:04 PM IST
अमन मौर्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Tue, 13 Oct 2026 06:04 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने अपने पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि वे तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने और राज्य की सेवा के लिए पूरा समय देना चाहते हैं।
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केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
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सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने अपने मंत्रालय और राज्यसभा की सदस्यता, दोनों से इस्तीफा दे दिया है। एल मुरुगन ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा है कि वह तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं। अपने पत्र में एल. मुरुगन ने लिखा, 'तमिलनाडु की आपकी हालिया यात्रा ने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी है। हर जगह मैंने देखा कि लोगों ने कितने प्यार से आपका स्वागत किया और आपकी मौजूदगी से उनमें कितनी उम्मीद जगी। उनका उत्साह उस सुनहरे भविष्य के प्रति उनके गहरे भरोसे को दिखाता है जिसे बनाने के लिए आप तमिलनाडु में काम कर रहे हैं। हमारे राज्य के प्रति आपका समर्पण और हमारे लोगों का आपके लिए प्यार देखकर मुझे गर्व और कृतज्ञता महसूस हुई और तमिलनाडु, हमारी पार्टी और हमारे देश के लिए और अधिक काम करने का मेरा संकल्प और मजबूत हुआ।'
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छात्र जीवन से पार्टी से जुड़े हैं एल मुरुगन
अपने पत्र में एल मुरुगन ने कहा कि मैं किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता। मैं एक बहुत गरीब परिवार से हूं। मेरे माता-पिता, जो दिहाड़ी मजदूर और पशु चराने का काम करते थे, आज भी कोनूर गांव में सादा जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा। महाकवि भारती, सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर, मैंने कॉलेज के दिनों में एबवीपी जॉइन किया। एबवीपी और भाजपा में लगभग तीस वर्ष तक मेरा मूल मंत्र यही रहा है- राष्ट्र सबसे पहले, पार्टी उसके बाद और मैं सबसे अंत में।
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राज्य संगठन में भाजपा को मिलेगी मजबूती
बता दें कि एल मुरुगन 2021 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद 2024 में दूसरी बार उन्हें राज्यसभा भेजा गया। मुरुगन के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तमिलनाडु में उनकी सीट खाली हो जाएगी। मुरुगन अब प्रदेश में पार्टी के संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। मुरुगन के जमीनी स्तर पर जाने से राज्य में भाजपा को संगठनात्मक रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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Minister of State for Information and Broadcasting and Parliamentary Affairs, L. Murugan, resigns from both his ministry and membership of the Rajya Sabha https://t.co/ZjXyP21udQ
— ANI (@ANI) October 13, 2026
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छात्र जीवन से पार्टी से जुड़े हैं एल मुरुगन
अपने पत्र में एल मुरुगन ने कहा कि मैं किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता। मैं एक बहुत गरीब परिवार से हूं। मेरे माता-पिता, जो दिहाड़ी मजदूर और पशु चराने का काम करते थे, आज भी कोनूर गांव में सादा जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा। महाकवि भारती, सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर, मैंने कॉलेज के दिनों में एबवीपी जॉइन किया। एबवीपी और भाजपा में लगभग तीस वर्ष तक मेरा मूल मंत्र यही रहा है- राष्ट्र सबसे पहले, पार्टी उसके बाद और मैं सबसे अंत में।
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राज्य संगठन में भाजपा को मिलेगी मजबूती
बता दें कि एल मुरुगन 2021 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद 2024 में दूसरी बार उन्हें राज्यसभा भेजा गया। मुरुगन के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तमिलनाडु में उनकी सीट खाली हो जाएगी। मुरुगन अब प्रदेश में पार्टी के संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। मुरुगन के जमीनी स्तर पर जाने से राज्य में भाजपा को संगठनात्मक रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद है।