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Kumbh: कुंभ 2025 का लोगो जारी, 25 करोड़ लोग करेंगे गंगा स्नान, एक करोड़ को मिलेगा रोजगार
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सीएम योगी
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अमर उजाला
विस्तार
अगले वर्ष 2025 में 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच पूर्ण महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज में किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका लोगो जारी कर दिया है। पिछले अर्धकुंभ के दौरान 2019 में 25 करोड़ लोगों ने गंगा स्नान का पुण्य लाभ कमाया था। अनुमान है कि 2025 के पूर्ण कुंभ में यह संख्या 25 करोड़ से अधिक हो सकती है। इसमें विदेशी पर्यटकों की भारी संख्या भी शामिल रहेगी। पूर्ण कुंभ में उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। 2027 के विधानसभा चुनाव के पहले सफल कुंभ का आयोजन यूपी सरकार की छवि मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
केंद्र सरकार और यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने देश के इस सबसे बड़े राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए धार्मिक पर्यटन को अपना सबसे प्रमुख हथियार बनाया था। इसे देखते हुए काशी विश्वनाथ, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज का विकास किया गया था। इसका जबरदस्त असर भी हुआ और भारी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक उत्तर प्रदेश पहुंचे। यूपी में इस समय बेरोजगारी का स्तर पूरे देश में सबसे कम वाले राज्यों में शामिल है तो इसके पीछे सरकार की इस नीति को प्रमुख तौर पर जिम्मेदार बताया जा रहा है।
राजनीतिक असर
योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2019 में अर्धकुंभ का सफल आयोजन किया था। इसमें भारी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक यूपी पहुंचे थे। इसकी चारों ओर जबरदस्त प्रशंसा हुई थी। माना जाता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार को इसका जबरदस्त लाभ भी हुआ था। लेकिन जिस तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में नुकसान उठाना पड़ा है, पूर्ण कुंभ का सफल आयोजन सरकार और पार्टी की छवि बेहतर करने में मदद कर सकता है।
भाजपा नेता ने कहा-
भाजपा के प्रवक्ता एसएन सिंह ने अमर उजाला से कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने धार्मिक पर्यटन को विकसित कर युवाओं को बेरोजगारी से मुक्ति दिलाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि केवल पूर्ण कुंभ से एक करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। देशी विदेशी धार्मिक पर्यटकों के आने से आज पूरे प्रदेश का विकास हुआ है। काशी-मथुरा, चित्रकूट और अयोध्या में पर्यटकों के कारण भारी संख्या में होटल, खाने-पीने के सेंटर, व्यावसायिक वाहनों की उपयोगिता बढ़ी है। इससे पूरे प्रदेश का विकास हुआ है।
एसएन सिंह ने कहा कि जो धार्मिक पर्यटक कुंभ स्नान के लिए आते हैं, वे काशी-मथुरा और अयोध्या का दर्शन भी अवश्य करते हैं। ऐसे में इन दर्शनार्थियों के कारण पूरे प्रदेश का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी सरकार है जो जन भावनाओं का आदर करते हुए उनकी धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान कर रही है। उन्होंने कहा कि इसका मूल उद्देश्य जनता की सेवा करना है। इसे किसी भी तरह राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
प्रमुख तैयारियों की घोषणा-
- 5600 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट से प्रयागराज को भव्य और सुंदर बनाया जा रहा है।
- श्रद्धालुओं के लिए 7000 बसें उपलब्ध होंगी। श्रद्धालुओं को एक किलोमीटर से अधिक पैदल न चलना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं।
- हाई लेवल की सुरक्षा होगी। एआई, ड्रोन तकनीकी से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा होगी चाक चौबंद। इसके लिए यूपी पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए जाएंगे।
- कुंभ-19 में करीब 25 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था।
- इतने दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए ड्रेनज और सीवर सिस्टम को बेहतर बनाया जा रहा है।
- पूर्ण कुंभ के दौरान प्रयागराज में मांस-मदिरा की बिक्री नहीं होगी।
- पूर्ण सत्यापन के बिना संतों को भी किसी को कुंभ क्षेत्र में अपने निजी क्षेत्र में निवास न करने देने की अपील।
- पिछली बार से दोगुने अधिक क्षेत्र में फैला होगा कुंभ क्षेत्र। 2019 में 3200 हेक्टेयर में फैला था मेला क्षेत्र। इस बार 4000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में होगा विस्तार।
- कुंभ के बारे में पूरी जानकारी देने के लिए ऐप, वेबसाइट जारी। लोगो भी हुआ जारी।
- तीर्थयात्रियों के रहने, पर्यटन को देखते हुए प्रयागराज के आसपास के शहरों में भी व्यवस्था करने के निर्देश।
- किसी अव्यवस्था से निबटने के लिए स्नान की प्रमुख तिथियों पर किसी वीआईपी को नहीं आने दिया जाएगा।
- 10 दिसंबर तक सभी तैयारियां पूरा करने का निर्देश।