फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kumar vishwas comments on P Chidambaram INX Media Case

कुमार विश्वास की चिदंबरम को नसीहत, कानून से मत भागिए, निर्दोष हैं तो मैदान में लड़िए

Wed, 21 Aug 2019 05:47 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 21 Aug 2019 05:47 PM IST
विज्ञापन
kumar vishwas  comments on P Chidambaram INX Media Case
कुमार विश्वास (फाइल) - फोटो : amar ujala
आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम की मुश्किलें बरकरार है। मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से भी इनकार कर दिया। वहीं बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी अग्रिम जमानत याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने चिदंबरम के पक्ष में बयान दिया है। वहीं आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने भी चिदंबरम पर तंज कसा और कहा कि आप कानून से भागकर अपना और अपनी पार्टी का पक्ष कमजोर कर रहे हैं। निर्दोष हैं तो मैदान में लड़िए। 
विज्ञापन


कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा, "जांच राजनीति प्रेरित हो सकती है। आज के गृहमंत्री/प्रधानमंत्री के खिलाफ वर्षों होती रही है! लेकिन राजनीति में होकर देश के पूर्व कानून/गृहमंत्री/वित्तमंत्री जी, कानून से भागकर आप अपना और अपने दल का पक्ष कमजोर ही कर रहे हैं! निर्दोष हैं तो मैदान में लड़िए।" 
विज्ञापन

 

हाईकोर्ट ने माना मुख्य साजिशकर्ता

चिदंबरम के वकील ने मंगलवार को अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करने के आदेश पर तीन दिन का स्टे देने की मांग भी की थी, लेकिन अदालत ने इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि तथ्यों से पता चलता है कि आईएनएक्स मीडिया घोटाले में चिदंबरम प्रमुख साजिशकर्ता थे। हाईकोर्ट का प्रथम दृष्टया मानना है कि प्रभावी जांच के लिए चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है। 

चिदंबरम ने कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित कहा

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चिदंबरम ने कहा कि आईएनएक्स मीडिया मामले में उन्हें कर्ता-धर्ता बताने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी पूरी तरह निराधार है और इस मामले में दर्ज प्राथमिकी 'राजनीति से प्रेरित और प्रतिशोध की कार्रवाई है।' 


सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अलग-अलग कैविएट याचिका दायर की जिससे चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ गईं। कैविएट याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट को सभी पक्षों का मत जानना जरूरी होता है। सुप्रीम कोर्ट में दायर स्पेशल लीव पिटीशन में खामी होने के कारण सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने सीजेआई रंजन गोगोई के सामने केस को लिस्ट नहीं किया था हालांकि, अब उस खामी को दूर कर लिया गया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। अब अगले दो दिन चिदंबरम के लिए मुश्किल भरे रहेंगे। सीबीआई और ईडी की टीमें उनके पीछे हैं और उनका कोई अता पता नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed