फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   KTR filed defamation case against Union Minister Sanjay, made false allegations against BRS leader

Telangana: केंद्रीय मंत्री संजय के खिलाफ केटीआर ने दायर किया मानहानि का मुकदमा, BRS नेता पर लगाए थे झूठे आरोप

Mon, 15 Sep 2025 10:33 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: बशु जैन Updated Mon, 15 Sep 2025 10:33 PM IST
सार

केटीआर ने कहा कि आठ अगस्त 2025 को केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने एक प्रेसवार्ता के दौरान तेलंगाना की विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) के दुरुपयोग, अवैध फोन टैपिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जोड़ते हुए मेरे खिलाफ निराधार टिप्पणी की थी। केटीआर ने हैदराबाद के सिटी सिविल कोर्ट में केंद्रीय मंत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

विज्ञापन
KTR filed defamation case against Union Minister Sanjay, made false allegations against BRS leader
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और बीआरएस नेता केटीआर। - फोटो : ANI

विस्तार

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक केटी रामा राव (केटीआर) ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के खिलाफ हैदराबाद के सिटी सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मंत्री संजय कुमार की ओर से लगाए गए झूठे आरोपों पर केटीआर ने 10 करोड़ रुपये का हर्जाने की मांग की है। 
विज्ञापन


वकील पी विश्वजननी के माध्यम से दायर अपने मुकदमे में केटीआर ने उन मीडिया संगठनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी पक्षकार बनाया है, जिन्होंने मंत्री बंदी संजय कुमार के बयान प्रकाशित या प्रसारित किए थे। मुकदमे में मानहानिकारक सामग्री को हटाने, केंद्रीय मंत्री से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और आगे से मानहानिकारक प्रकाशनों पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है।
विज्ञापन


केटीआर ने कहा कि आठ अगस्त 2025 को बंदी संजय ने एक प्रेस वार्ता के दौरान तेलंगाना की विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) के दुरुपयोग, अवैध फोन टैपिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जोड़ते हुए मेरे खिलाफ निराधार टिप्पणी की थी। केंद्रीय मंत्री के इस बयान को कई टीवी चैनल और समाचार पत्रों ने प्रकाशित और प्रसारित किया था। यह बयान एक्स, यूट्यूब, गूगल और मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम) जैसी सोशल मीडिया कंपनियों के माध्यम से भी फैली।
विज्ञापन
विज्ञापन


केटीआर ने तर्क दिया कि इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक बदले से प्रेरित थीं। उनकी कड़ी मेहनत से अर्जित प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए रचा गया बदनामी अभियान था। उन्होंने आगे कहा कि 11 अगस्त 2025 को कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद बंदी संजय ने माफी नहीं मांगी। इससे उनके पास अदालत जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।


शिकायत में कहा गया है कि एक केंद्रीय मंत्री द्वारा इस तरह की गैरजिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणी करने से जनप्रतिनिधियों की विश्वसनीयता, गरिमा और विश्वास पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। यह मामला हैदराबाद के सिटी सिविल कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश के समक्ष स्वीकार कर लिया गया है और अदालत प्रतिवादियों के खिलाफ क्षतिपूर्ति, माफी और निषेधाज्ञा आदेश के लिए केटीआर की याचिका पर सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed