{"_id":"641c6fd5846e14239e0a3734","slug":"konkan-2023-annual-bilateral-maritime-exercise-between-indian-navy-and-royal-navy-of-britain-2023-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Konkan 2023: कोंकण तट पर संपन्न हुआ भारत-ब्रिटेन की नौसेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास, INS त्रिशूल भी हुआ शामिल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Konkan 2023: कोंकण तट पर संपन्न हुआ भारत-ब्रिटेन की नौसेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास, INS त्रिशूल भी हुआ शामिल
Thu, 23 Mar 2023 08:57 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोंकण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोंकण
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 23 Mar 2023 08:57 PM IST
सार
दोनों देशों की नौसेनाओं का यह संयुक्त युद्धाभ्यास अरब सागर में कोंकण तट पर 20 से 22 मार्च 23 तक आयोजित किया गया था।
विज्ञापन
Konkan 2023
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय नौसेना समुद्र में अपनी ताकत दिन ब दिन बढ़ा रही है। इसी क्रम में भारतीय नौसेना और यूके की रॉयल नेवी के बीच वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास कोंकण 2023 संपन्न हुआ। दोनों देशों की नौसेनाओं का यह संयुक्त युद्धाभ्यास अरब सागर में कोंकण तट पर 20 से 22 मार्च 23 तक आयोजित किया गया था। अधिकारियों ने इसके बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
Konkan 2023, the annual bilateral maritime exercise between the Indian Navy and the Royal Navy (UK), was held from 20-22 March off the Konkan coast in the Arabian Sea. pic.twitter.com/DuL2nh0M1y
— ANI (@ANI) March 23, 2023
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, इसमें निर्देशित मिसाइल युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल और टाइप 23 निर्देशित मिसाइल युद्धपोत एचएमएस लैंकेस्टर ने भी हिस्सा लिया। इतना ही नहीं दोनों देशों की अंतर-परिचालनीयता बढ़ाने व सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों को अपनाने के लिए कई समुद्री अभ्यास किए।
विज्ञापन
कोंकण 2023 में समुद्र, वायु, जमीन और जमीन और सतह में युद्धाभ्यास किया गया। युद्धाभ्यास में सतह पर हवा भरने योग्य लक्ष्य 'किलर टोमैटो' पर गनरी शूट, हेलीकॉप्टर संचालन, हवा-रोधी और पनडुब्बी-रोधी युद्ध अभ्यास, विज़िट बोर्ड सर्च एंड सीज़र (VBSS), जहाज युद्धाभ्यास और कर्मियों का आदान-प्रदान शामिल था।
इस अभ्यास से दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण हासिल हुआ। इस दौरान उच्च स्तर की पेशेवरता और उत्साह भी दिखा। समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऑपरेशन-तत्परता, अंतर-परिचालनीयता को बढ़ाने और संयुक्त परिचालन की क्षमता में सुधार करने वाले कर्मियों पर ध्यान केंद्रित करने से दोनों देशों की नौसेनाओं के संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा देने में काफी सहायता मिलेगी।