Kolkata: आरक्षण के मसले पर विहिप की दो टूक, कहा- मतांतरण करने वालों को नहीं मिलना चाहिए आरक्षण का लाभ
रावत ने कहा, 'ईसाई मिशनरी पिछले कई वर्षों से इस तरह की मांग कर रही हैं और दबाव बनाया जा रहा है। यह देश के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र है, जिसे समझने की जरूरत है।
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय समरसता प्रमुख देवजी भाई रावत ने मंगलवार (18 अक्तूबर) को कहा कि मतांतरण करने वालों को किसी भी हाल में आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। अगर इस तरह का लाभ दिया जाने लगा तो देश में मतांतरण बढ़ेगा। इससे कई तरह की समस्याएं आएंगी। कई राज्यों में जनसंख्या संतुलन भी बिगड़ जाएगा। वह मंगलवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, विहिप केंद्र सरकार द्वारा मतांतरण कर चुके लोगों को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा दिए जाने की मांग पर विचार के लिए हाल में पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन की अध्यक्षता में समिति गठित करने के कड़ा विरोध करता है।
रावत ने कहा, 'ईसाई मिशनरी पिछले कई वर्षों से इस तरह की मांग कर रही हैं और दबाव बनाया जा रहा है। यह देश के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र है, जिसे समझने की जरूरत है। इससे जुड़ी साजिशों के खिलाफ आगामी दिनों में विहिप बंगाल सहित देशभर में जनजागरण अभियान चलाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि ऐसे लोगों को किसी भी हाल में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म बदलकर गलत तरीके से आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं, उन्हें सूची से बाहर किया जाए। मतांतरण करने वाले लोगों के लिए आरक्षण का विरोध बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी किया था।