फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   West Bengal ›   Kolkata News ›   Kolkata High court reprimanded Babul Supriyo, later given relief from allegations of shame

कोलकाता हाईकोर्ट ने लगाई बाबुल सुप्रियो को फटकार, बाद में दी लज्जा भंग के आरोप से राहत

Thu, 15 Oct 2020 04:45 AM IST
Kuldeep Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 15 Oct 2020 04:45 AM IST
विज्ञापन
Kolkata High court reprimanded Babul Supriyo, later given relief from allegations of shame
babul supriyo - फोटो : फाइल फोटो

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को 2017 में तृणमूल कांग्रेस की तत्कालीन विधायक महुआ मोइत्रा का कथित लज्जा भंग करने के प्रयास के आरोप में राहत दे दी। लेकिन इससे पहले हाईकोर्ट ने सुप्रियो को उनकी तरफ से की गई टिप्पणी के लिए जमकर फटकार लगाई।

विज्ञापन


खारिज की पुलिस की चार्जशीट, लेकिन टीएमसी की महिला सांसद महुआ मोइत्रा को दी अलग से कार्रवाई की इजाजत
हाईकोर्ट ने कोलकाता पुलिस की तरफ से दाखिल चार्जशीट को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी ने ऐसा कोई अपराध नहीं किया है। लेकिन इसके बाद हाईकोर्ट ने सुप्रियो को टेलीविजन पर बहस के दौरान मोइत्रा को यह कहने के लिए फटकार लगाई कि क्या वह नशे में हैं।
विज्ञापन


जस्टिस विवेक चौधरी की एक पीठ ने इस टिप्पणी को ‘अपमानजनक’ मानते हुए आदेश में लिखा, एक महिला के खिलाफ इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी कर याचिकाकर्ता ने प्रथम दृष्टया न केवल एक महिला की गरिमा का अपमान किया है बल्कि अपनी सांविधानिक शपथ को भी तोड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जस्टिस चौधरी ने कहा, एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उम्मीद की जाती है कि उन्हें अपने व्यवहार में विनम्र, हावभाव में शिष्ट और अपने द्वारा बोले जा रहे शब्दों में सतर्क होना चाहिए। इस टिप्पणी के साथ जस्टिस चौधरी ने मोइत्रा को केंद्रीय भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम राज्य मंत्री सुप्रियो के खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई करने की छूट दी। मोइत्रा इस समय टीएमसी की लोकसभा सदस्य हैं।

जस्टिस विवेक चौधरी ने अपने आदेश में पुलिस की नीयत पर कहा कि चार्जशीट में यह नहीं बताया गया है कि क्या आरोपी ने आईपीसी की धारा 509 (एक महिला की अस्मिता का अपमान करने की नीयत से कहे गए शब्द, हावभाव या काम) के तहत कोई अपराध किया है। उन्होंने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा, एफआईआर में लगाए गए आरोप धारा 500 (मानहानि) के तहत असंज्ञेय अपराध हैं और किसी मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना पुलिस अधिकारी ऐसे मामलों की जांच नहीं कर सकते हैं।


बता दें कि मोइत्रा ने सुप्रियो के खिलाफ 4 जनवरी, 2017 को अलीपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 3 जनवरी, 2017 को एक राष्ट्रीय टीवी चैनल की बहस के दौरान सुप्रियो ने ऐसी टिप्पणी की थी, जिसका उद्देश्य उनका लज्जा भंग करना था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed