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फ्लाइओवर हादसा : मरने वाले 24 हुए, कंपनी के पांच लोग हिरासत में

Fri, 01 Apr 2016 08:10 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोलकाता
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोलकाता Updated Fri, 01 Apr 2016 08:10 PM IST
सार

  • कोलकाता पुलिस की टीम जांच के लिए हैदराबाद पहुंची
  • कंपनी ने कहा, हो सकता है बम फटने से हुआ हो हादसा
  •  प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, हादसे के बाद आंखों से गायब हो गई है नींद  

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kolkata Flyover tragedy: 24 dead , five people in custody

विस्तार

महानगर में बृहस्पतिवार को ढहे फ्लाईओवर के मलबे से तीन और शव बरामद होने के साथ ही इस हादसे में मरने वालों की तादाद 24 हो गई है। बचाव कार्य में जुटे सेना, पुलिस, एनडीआरएफ व फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने अब मलबे के नीचे कोई और शव होने की संभावना से इंकार किया है। इस बीच, पुलिस ने फ्लाइओवर के निर्माण में लगी हैदराबाद स्थित निर्माण कंपनी के पांच अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है। इस हादसे की जांच के सिलसिले में कोलकाता पुलिस की एक चार सदस्यीय टीम भी शुक्रवार को हैदराबाद पहुंच गई। दूसरी तरफ, हादसे में घायल 90 लोगों में से सात की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

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बृहस्पतिवार को दोपहर के समय फ्लाईओवर का लगभग 60 मीटर लंबा हिस्सा ढह गया था। हादसे की वजह की जांच के लिए फोरेसिंक विभाग की एक टीम ने भी शुक्रवार को मौके पर पहुंच कर नमूने लिए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मलबे से कोई भी जीवित व्यक्ति बरामद नहीं हुआ है। कुछ वाहनों को नीचे से निकाला गया है, लेकिन एक ट्रक अब भी मलबे के ढेर में दबा है। फिलहाल यह बताना मुश्किल है कि उस ट्रक में कोई है या नहीं। एनडीआरएफ के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने बताया कि अब मलबे के नीचे किसी के जीवित होने की संभावना नहीं है। दूसरी ओर, निर्माण कंपनी ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि घटनास्थल को देख कर लगता है कि वहां कोई बम धमाका हुआ है।
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उन्होंने कहा कि बम धमाके के पहलू से भी हादसे की जांच होनी चाहिए। ब्रिज का एक हिस्सा अब भी झूल रहा है। उसे काट कर हटाने के लिए इंजीनियरों व विशेषज्ञों से संपर्क किया जा रहा है ताकि आसपास की इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि हैदराबाद स्थित निर्माण कंपनी आईवीआरसीएल के पांच अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है।

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अब भी कानों में गूंज रही है चीखें

kolkata Flyover tragedy: 24 dead , five people in custody

महानगर के गणेश टॉकीज इलाके की घनी बस्ती में बृहस्पतिवार दोपहर को जहां फ्लाइओवर गिरा, वहां आसपास रहने वालेे लोगों की नींद गायब हो चुकी है। उनके कानों में अब भी लोहे व कांक्रीट के मलबे के नीचे दबे लोगों की चीखें गूंज रही हैं। 
जहां हादसा हुआ उसके ठीक सामने वाली बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर रहने वाली गिरिजा देवी (70) कहती हैं कि ब्रिज गिरने की जोरदार आवाज और उसके नीचे दबे लोगों की चीखें अब भी कानों में गूंज रही है। बृहस्पतिवार की पूरी रात सो नहीं सकी। कई लोग तो अब अपना घर बेच कर दूसरी जगह बसने की तैयारी में हैं।

इस मामले में गिरिजा देवी अकेली नहीं हैं। एक दूसरी बिल्डिंग में रहने वाले व्यापारी धीरेंद्र  जायसवाल बताते हैं कि उन्होंने अपने लंबे जीवन में कभी अपनी आंखों के सामने इतना बड़ा हादसा नहीं देखा। पल भर में ही एक धमाके के साथ फ्लाईओवर का बड़ा हिस्सा नीचे गिरा और देखते-देखते ही 24 जानें लील गया। वहां रहने वाले लोगों ने पहले तो समझा कि भूकंप आया है या फिर नीचे सड़क पर दो ट्रामें आमने-सामने टकरा गई हैं, लेकिन खिड़की से झांकने पर लोगों ने ब्रिज का हिस्सा गिरते देखा।

उसके बाद वहां धूल व धुएं का गुबार छा गया। गिरिजा देवी ने कहा कि धूल के गुबार के बीच कुछ नजर नहीं आ रहा था। सिर्फ लोगों की चीखें ही सुनाई पड़ रही थीं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर सरकार ने इस इलाके में ऐसे किसी फ्लाईओवर के लिए इजाजत कैसे दे दी। इस फ्लाईओवर से खासकर नजदीकी इमारतों की दूरी तीन से चार फीट तक ही थी। ऐसे में इसके बनने के बाद भी हमेशा हादसे की गुंजाइश बनी रहती।

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