फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kolkata Doctor Murder case Former principal is not helping in the investigation CBI can conduct polygraph test

RG Kar Case: पूर्व प्रिंसिपल से पांच दिन से पूछताछ, असहयोगी रवैये के कारण पॉलीग्राफ टेस्ट करा सकती है CBI

Tue, 20 Aug 2024 09:55 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Tue, 20 Aug 2024 09:55 PM IST
सार

कोलकाता में जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के मामले में कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष जांच में सहयोग नहीं कर रहे। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने लगातार पांचवें दिन मंगलवार को भी उनसे पूछताछ की।

विज्ञापन
Kolkata Doctor Murder case Former principal is not helping in the investigation CBI can conduct polygraph test
कोलकाता की घटना के विरोध में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के मामले में कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष जांच में सहयोग नहीं कर रहे। मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लगातार पांचवें दिन मंगलवार को भी उनसे पूछताछ की। उनके बयान में कई विसंगतियां मिल रही हैं और केंद्रीय एजेंसी उनका भी पॉलीग्राफ टेस्ट करा सकती है।

विज्ञापन


सीबीआई पिछले चार दिन के दौरान डॉ. घोष से 40 घंटे से अधिक की पूछताछ कर चुकी है। लेकिन वह किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दे रहे हैं। मंगलवार को एक बार फिर से वह सीबीआई के सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे। देर शाम तक उनके से पूछताछ जारी थी। सूत्रों ने बताया कि डॉ. घोष सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसीलिए एजेंसी उन्हें बार-बार बुला रही है। अगर डॉ. घोष का रवैया यह रहा तो एजेंसी उनका पॉलीग्राफ टेस्ट करने के लिए कोर्ट से मंजूरी मांग सकती है। अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार संजय रॉय का पॉलीग्राफ टेस्ट करने की पहले ही मंजूरी दे दी है। मंगलवार को सीबीआई ने रॉय के एक निकट सहयोगी को भी गिरफ्तार किया।
विज्ञापन


डॉ. घोष ने कई छात्रों को नुकसान पहुंचाया- अख्तर
इस बीच, आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व डिप्टी सुपरिंटेंडेंट अख्तर अली ने आरोप लगाया कि डॉ. घोष ने कई छात्रों को नुकसान पहुंचाया है। वह विद्यार्थियों को फेल कराते थे और फिर पैसे लेकर छात्रों को पास कराते थे। मामले की लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, अब अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए नवान्न द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को लेकर अख्तर आशावादी हैं। उनकी उम्मीद है कि संदीप को 'सज़ा' मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ एक और एफआईआर
पूर्व प्रिंसिपल डॉ. घोष के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने एक और मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना के दिन दुष्कर्म की शिकार पीड़िता का नाम एवं पहचान सार्वजनिक करने के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है। वही, एसआईटी ने पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी है।

तोड़फोड़ के मामले में पुलिस के तीन अधिकारी निलंबित
कोलकाता पुलिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज पर हमले के मामले में तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, निलंबित अधिकारियों में दो असिस्टेंट कमिश्नर और एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी हैं। उनके खिलाफ लापरवाही के सबूत मिलने पर यह कार्रवाई की गई। कॉलेज में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म औऱ हत्या के बाद लोग 14 की रात को सड़कों पर विरोध के लिए उतरे थे। इसी दौरान आरजी कर मेडिकल कॉलेज में उपद्रवियों ने हमला बोल दिया था।

सुखेंदु शेखर ने पोस्ट हटाया
तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने जूनियर डॉक्टर की हत्या के मामले में कोलकाता पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाने वाले अपने सोशल मीडिया पोस्ट को हटा लिया है। मंगलवार को हाई कोर्ट में उन्होंने यह बात स्वीकार की पोस्ट में दी गई एक जानकारी गलत थी। जस्टिस राजर्षि भारद्वाज ने निर्देश दिया कि सुखेंदु के खिलाफ फिलहाल कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा सकती। न्यायाधीश ने राज्य को इस संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले शनिवार की रात को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में सुझाव दिया था कि सीबीआई को कोलकाता पुलिस के आयुक्त विनीत गोयल और मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी चाहिए।

राजभवन ने सात मंत्रियों के खिलाफ सीएम को लिखा पत्र
राजभवन ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर उनके मंत्रिमंडल के सात सदस्यों पर राज्यपाल के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। राजभवन के सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु, परिषद मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कोलकाता के मेयर और लोक निर्माण और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम और वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य सहित सात लोगों को राजभवन द्वारा आरोपित किया गया है। पत्र में सवाल उठाया गया है संविधान की शपथ लेने वाला एक मंत्री राज्यपाल के खिलाफ ऐसी टिप्पणी कैसे कर सकता है। राजभवन सूत्रों के मुताबिक अभी तक सीएम की तरफ से पत्र का कोई जवाब नहीं आया है।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति से मिले राज्यपाल
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। जूनियर डॉक्टर की हत्या पर मचे बवाल के बीच इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि राज्यपाल ने दोनों को इस मामले से अवगत कराया होगा। आनंद बोस से पहले उपराष्ट्रपति धनखड़ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे।


राजभवन में मोबाइल कंट्रोल रूम खुला
राज्यपाल ने एक बार फिर कोलकाता कांड को शर्मनाक बताया और कहा कि राज्य के लोगों का मौजूदा सरकार से भरोसा उठ गया है। उन्होंने हत्याकांड को लेकर चल रहे आंदोलन के लिए राजभवन में एक मोबाइल कंट्रोल रूम खोला है। इस पर घटना के संबंध में कोई भी कुछ कहना चाहता है तो फोन कर कह सकता है। कंट्रोल रूम से राज्यपाल ने पहला फोन पीड़िता के पिता को किया और उन्हें पूरा सहयोग का भरोसा दिया। इस बीच, घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। पश्चिम बंगाल में इसका ज्यादा असर है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed