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Kolkata Doctor Case: 'सोशल मीडिया से हटाए जाएं पीड़िता की फोटो-वीडियो और नाम', सुप्रीम कोर्ट का आदेश

Wed, 21 Aug 2024 12:09 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 21 Aug 2024 12:09 AM IST
सार

Kolkata Doctor Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी को मानते हुए कहा कि दुष्कर्म पीड़ित के नाम को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। 

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Kolkata doc's rape-murder: SC orders removal of name, photos, videos of deceased
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़ित महिला डॉक्टर के नाम, तस्वीरें और वीडियो सभी सोशल मीडिया मंचों से हटा दिए जाएं। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यौन उत्पीड़न के शिकार व्यक्ति की पहचान को सार्वजनिक करना शीर्ष कोर्ट के पहले के आदेशों का उल्लंघन है। पीठ में जस्टिस जे.बी.पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे। 
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पीठ ने कहा, हमें निषेधाज्ञा इसलिए जारी करनी पड़ी  है, क्योंकि सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मृतक की पहचान और शव की तस्वीरों को सार्वजनिक किया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस घटना में मृतक का नाम, तस्वीरें और वीडियो क्लिप को तुरंत सभी सोशल मीडिया मंचों से हटा दिया जाए। 
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शीर्ष कोर्ट का यह आदेश वकील किनोरी घोष और अन्य की याचिका पर आया है। याचिका में कहा गया था कि मृतक का नाम और तस्वीरें फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स जैसे मंचों पर फैल गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मृतक की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी को मानते हुए कहा कि दुष्कर्म पीड़ित के नाम को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। 


कोर्ट ने कहा, हम अभिव्यक्ति की आजादी को मानते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ तय मानक हैं। निपुण सक्सेना केस जैसे मामलों में कोर्ट के आदेश हैं कि यौन उत्पीड़न के शिकार व्यक्ति का नाम प्रकाशित नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में निपुण सक्सेना के मामले में अपने फैसले में कहा था कि कोई भी व्यक्ति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया पर मृतक का नाम या पहचान संबंधी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं कर सकता। 

प्रशिक्षु डॉक्टर का शव नौ अगस्त को अस्पताल के सेमिनार हॉल में पाया गया था। शव पर गंभीर चोटें थीं। इसके अगले दिन कोलकाता पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। 
 
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