{"_id":"6624f392726ba5e86c081dba","slug":"kokrajhar-mp-naba-kumar-sarania-nomination-cancelled-2024-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा चुनाव : कोकराझार से सांसद नबा सरानिया का नामांकन रद्द, तीसरी बार लड़ने जा रहे थे चुनाव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
लोकसभा चुनाव : कोकराझार से सांसद नबा सरानिया का नामांकन रद्द, तीसरी बार लड़ने जा रहे थे चुनाव
Sun, 21 Apr 2024 04:38 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 21 Apr 2024 04:38 PM IST
विज्ञापन
चुनाव आयोग
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ने जा रहे कोकराझार के सांसद नबा कुमार सरानिया का नामांकन पत्र रविवार को रद्द कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर प्रदीप कुमार द्विवेदी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरानिया का नामांकन पत्र अवैध पाया गया, इस वजह से यह कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
प्रदीप कुमार ने बताया कि 19 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था। उस दिन तक 16 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। इसमें से 15 नामांकन वैध पाए गए। वहीं, वर्तमान सांसद नबा कुमार सरानिया का नामांकन अवैध पाया गया। रिटर्निंग ऑफिसर ने यह भी बताया कि नामांकन वापस लेने की आखिरी तिथि कल तक है। जो उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेने के इच्छुक हैं, वे कल दोपहर 3 बजे तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।
विज्ञापन
रिटर्निंग ऑफिसर ने अपने आदेश में कहा कि नबा कुमार सरानिया ने नामांकन पत्र में समुदाय वाले कॉलम में 'बोरो' की जगह 'रवा' का उल्लेख किया गया है। साथ ही रवा समुदाय को प्रमाण पत्र जारी करने वाले प्राधिकारी के किसी भी प्रतिहस्ताक्षर के बिना दर्ज किया गया है। ऐसे में प्रमाणपत्र संदिग्ध लग रहा है। रिटर्निंग ऑफिसर ने यह भी कहा कि इस कारण प्रमाणपत्र की वास्तविकता के बारे में कई तरह की आशंकाएं जन्म लेती हैं। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि सरानिया ने कोकराझार सीट से बोरो-कछारी समुदाय का प्रमाण पत्र पेश करके 2019 का लोकसभा चुनाव जीता था। उनके इस प्रमाणपत्र को हाल ही में राज्य-स्तरीय जांच समिति ने रद्द कर दिया था।
विज्ञापन
पुराने प्रमाण पत्र को देखते हुए कहा जा सकता है कि एक व्यक्ति दो अलग-अलग समुदायों से संबंधित नहीं हो सकता है। साथ ही अलग-अलग समुदायों के दो एसटी प्रमाणपत्र नहीं रख सकता है।
बता दें कि गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) के प्रमुख सरानिया 2014 से इस सीट पर निर्दलीय सांसद हैं। उन्होंने गौहाटी हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की थी जिसमें राज्य स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी द्वारा उनकी एसटी (मैदान) स्थिति को खत्म करने को चुनौती दी गई थी। हालांकि गुरुवार को उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने 18 नवंबर, 1986 को ऑल असम ट्राइबल संघ द्वारा जारी एक प्रमाण पत्र जमा करके खुद को रावा समुदाय के सदस्य के रूप में बताते हुए अपना नामांकन दाखिल किया था।
गौरतलब है कि असम की कोकराझार लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर सात मई को तीसरे चरण में मतदान होगा। तीसरे चरण में कोकराझार के अलावा गुवाहाटी, बारपेटा और धुबरी में भी वोटिंग होगी।