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जानें देश के सम्माननीय लोगों को क्यों है बंगलों से मोह?

Sun, 20 May 2018 12:51 PM IST
रंजीत सिंह, मेरठ
रंजीत सिंह, मेरठ Updated Sun, 20 May 2018 12:51 PM IST
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know why respectable leaders of Country likes government bungalows

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया है। इसकी शुरुआत देश के गृहमंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने कर दी है। जिसकी सराहना भी की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट पहले भी 1997 में इस प्रकार का आदेश दे चुका है, तब उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कानून बनाकर उस पर यथास्थिति बनाए रखी थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में रद्द कर दिया। 

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उसके बाद अखिलेश सरकार ने भी इस पर कानूनी दांव खेला। इन सब से यह पता चलता है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को जनता की भलाई के लिए जनता से मोह नहीं है, बल्कि इन्हें सरकारी बंगले से अधिक मोह है, जिसे वे छोड़ना नहीं चाहते हैं। जिसे जनता पांच वर्ष तक के लिए अपना प्रतिनिधि चुनती है, पांच वर्ष के बाद वह भी उनकी तरह एक आम नागरिक बन जाता है। 
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मगर एक बार जनता द्वारा प्रतिनिधि बनाए जाने के बाद ज्यादातर नेता अपने को उससे बाहर नहीं निकाल पाते हैं और हर बार स्वयं कानून बनाकर कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर देते हैं। इस बार कड़े रवैये के साथ सुप्रीम कोर्ट ने बंगला खाली करने का आदेश दिया है और राज्य संपत्ति विभाग को 15 दिन में बंगलों को खाली करने का नोटिस भी थमा दिया है। यदि इस प्रकार के सम्माननीय लोग ही सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाए रहेंगे, तो देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहरों को कौन बचाएगा?

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