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पीएमओ तक पहुंची सीबीआई की रार, निदेशक आलोक वर्मा का विदेश दौरा रद्द
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली, अमर उजाला
Updated Mon, 22 Oct 2018 10:02 AM IST
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राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर
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सीबीआई विशेष निदेशक के घूस लेने का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यलय तक पहुंच गया है। सीबीआई मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक रविवार को सीबीआई निदेशक अलोक कुमार वर्मा प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे। उसके बाद निदेशक वर्मा का विदेश दौरा रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सीबीआई मुख्यालय में चल रहे कई गतिरोध के मसले पर रिपोर्ट देने सीबीआई निदेशक कल पीएमओ गए थे।
बता दें कि तेलंगाना वासी सतीश बाबू सना ने अपनी शिकायत में खुलासा किया है कि उसने सीबीआई के विशेष निदेशक को 3 करोड़ रुपये घूस दी थी। जिसके बाद सीबीआई ने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना, डीएसपी देवेंद्र कुमार, सोमेश प्रसाद, मनोज प्रसाद और अन्य कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है।
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बता दें कि तेलंगाना वासी सतीश बाबू सना ने अपनी शिकायत में खुलासा किया है कि उसने सीबीआई के विशेष निदेशक को 3 करोड़ रुपये घूस दी थी। जिसके बाद सीबीआई ने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना, डीएसपी देवेंद्र कुमार, सोमेश प्रसाद, मनोज प्रसाद और अन्य कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है।
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राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर
सना ने बताया कि मुझे और मेरे परिवार को झूठे केस में टॉर्चर न किया जाए, इसके लिए मैंने देश की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसी सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को उनके आदमियों के हाथ कथित तौर पर 2.95 करोड़ रुपए पहुंचा दिए थे। कुल पांच करोड़ की बात हुई थी। बाकी बची राशि का जुगाड़ करने में थोड़ी देरी हो गई तो उन्होंने मेरे खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करा दिया। मैं अपने बेटे का दाखिला कराने के लिए परिवार के साथ फ्रांस जा रहा था, लेकिन मुझे हैदराबाद एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। मैंने किसी तरह उन्हें बीते दस अक्तूबर को बाकी राशि देने का भरोसा दिलाया। कुछ दे भी दिए। फिर उन्होंने दबाव बनाया तो मैंने सीबीआई निदेशक को लिखित शिकायत दे दी। सीबीआई के भीतर करप्शन का कितना बड़ा खेल चलता है।
राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर
नोटिस और उगाही, दोनों खेल एक साथ चलते रहे, जानिए कैसे
सतीश बाबू सना के मुताबिक, सीबीआई के डीएसपी देवेन्द्र कुमार ने 9 अक्टूबर 2017 को मुझे पहला नोटिस भेजा। इसमें लिखा था कि मोईन अख्तर कुरैशी मामले में पूछताछ के लिए उसे 12 अक्टूबर को सीबीआई मुख्यालय आना है। मैं चला गया। कुरैशी के साथ क्या संबंध है, ऐसे कुछ सवाल पूछे। मुझे ऑडियो भी सुनाया गया। मैंने अपना बयान दर्ज करा दिया और शाम को घर चला गया। उन्हें बता दिया था कि मैं एक निवेशक हूं, मैने कोई गलत काम नहीं किया।
सतीश बाबू सना के मुताबिक, सीबीआई के डीएसपी देवेन्द्र कुमार ने 9 अक्टूबर 2017 को मुझे पहला नोटिस भेजा। इसमें लिखा था कि मोईन अख्तर कुरैशी मामले में पूछताछ के लिए उसे 12 अक्टूबर को सीबीआई मुख्यालय आना है। मैं चला गया। कुरैशी के साथ क्या संबंध है, ऐसे कुछ सवाल पूछे। मुझे ऑडियो भी सुनाया गया। मैंने अपना बयान दर्ज करा दिया और शाम को घर चला गया। उन्हें बता दिया था कि मैं एक निवेशक हूं, मैने कोई गलत काम नहीं किया।
राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर
आठ दिन बाद यानी 17 अक्तूबर को फिर डीएसपी ने नोटिस भेज दिया। मैं 23 अक्तूबर को पेश हुआ तो फिर वही पहले वाले सवाल। मैंने बता दिया कि कुरैशी की ग्रेट हाइट इंफ्रा कंपनी में 50 लाख रुपए निवेश किए थे। आयकर विभाग में भी यह सब जानकारी है। 1 नवम्बर 2017 को फिर बुला लिया। वही सवाल और वही जवाब चलते रहे। हां, इस बार वहां पर सुकेश गुप्ता, शब्बीर अली और कुरैशी भी मौजूद थे। जांच अधिकारी देवेंद्र कुमार बोला कि मैंने वेनपिक केस के पचास लाख दिए हैं। मैंने इस बात से इंकार कर दिया और लिखित में कहा कि मेरा इस केस से कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी नोटिस आते रहे।
5 करोड़ दे दो, नोटिस नहीं आएगा
बतौर सतीश बाबू, दिसंबर में मैं दुबई चला गया। वहां मनोज प्रसाद नाम के व्यक्ति से मिला। उसने सोमेश से मिलवाया। सोमेश ने सीबीआई के अफसर से फोन पर बात करा दी। मुझसे कहा, पांच करोड़ दे दो, नोटिस नहीं आएगा। 3 करोड़ एडवांस देने होंगे और बाकी चार्जशीट फाइल करते समय दे देना। पक्का क्लीन चिट मिल जाएगी।
5 करोड़ दे दो, नोटिस नहीं आएगा
बतौर सतीश बाबू, दिसंबर में मैं दुबई चला गया। वहां मनोज प्रसाद नाम के व्यक्ति से मिला। उसने सोमेश से मिलवाया। सोमेश ने सीबीआई के अफसर से फोन पर बात करा दी। मुझसे कहा, पांच करोड़ दे दो, नोटिस नहीं आएगा। 3 करोड़ एडवांस देने होंगे और बाकी चार्जशीट फाइल करते समय दे देना। पक्का क्लीन चिट मिल जाएगी।
राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर
सोमेश ने अपने मोबाइल के वाटसेप की डीपी की फोटो दिखाई। उसने बताया, ये राकेश अस्थाना हैं। फोटो वर्दी में थी। मैंने गूगल पर चेक किया तो वह फोटो स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की थी। यह सोचकर कि ये लोग परिवार को भी परेशान करेंगे, मैंने सोमेश को एक करोड़ दे दिए। दिल्ली प्रेस क्लब की पार्किंग में भी पेमेंट की गई। सोमेश ने एक फोन भी सुनवाया, जिसमें सीबीआई का आला अफसर अपने मातहत अधिकारी को यह मामला निपटाने का आदेश दे रहा है।
राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर
सोमेश का यह भी कहना था कि अस्थाना लंदन में मेरे घर पर ही ठहरते हैं। मैं उनका निवेश का काम धंधा भी संभालता हूं। अब तक 2.95 करोड़ दिए जा चुके थे। इसके बाद कुछ माह तक सब शांत रहा, लेकिन इस साल फिर से नोटिस आने लगे। फिर वही सवाल होने लगे।
राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर
मुझे और मेरे परिवार को एयरपोर्ट पर रोक दिया
25 सितंबर 2017 को मुझे परिवार के साथ पेरिस जाना था। हमें एयरपोर्ट पर यह कह कर रोक दिया कि आपके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ है। मैंने डीएसपी देवेंद्र से सम्पर्क किया। वे बोले, हमें बताए बिना विदेश क्यों जा रहे थे। वह मुझे संयुक्त निदेशक सीबीआई साई मनोहर के पास ले गए। बोले, मैं झूठ बोल रहा हूं।
25 सितंबर 2017 को मुझे परिवार के साथ पेरिस जाना था। हमें एयरपोर्ट पर यह कह कर रोक दिया कि आपके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ है। मैंने डीएसपी देवेंद्र से सम्पर्क किया। वे बोले, हमें बताए बिना विदेश क्यों जा रहे थे। वह मुझे संयुक्त निदेशक सीबीआई साई मनोहर के पास ले गए। बोले, मैं झूठ बोल रहा हूं।
राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर
तीन अक्टूबर को मुझे फिर बुलाया। इस बीच मैंने (दिराम) विदेशी मुद्रा के रूप में उन्हें 11 लाख रुपए दे दिए। इसके अलावा मनोज प्रसाद के आदमी पुनीत को भी 25 लाख दे दिए। सीबीआई वाले फिर दबाव बनाने लगे। जब देखा कि इनकी भूख बढ़ती जा रही है तो मैंने सीबीआई निदेशक को इनकी शिकायत दे दी।