जानिए 7118 करोड़ से यूपी में इस तरह चमक उठेगी रेलवे
आम बजट में रेलवे की परियोजनाओं के लिए इस बार उत्तर प्रदेश की झोली में बड़ी रकम दी गई है। उत्तर रेलवे जोन को विकास के लिए 7118 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस बजट से जहां अयोध्या स्टेशन का विकास होगा वहीं दलमाऊ-फतेहपुर व माधोगंज-कन्नौज के बीच गंगा पर ब्रिज बनाने का सर्वे किया जाएगा।
मथुरा-झांसी व झांसी-बीना के बीच चौथी लाइन डालकर रेल को सरपट दौड़ाने के लिए पटरी तैयार होगी। गोरखपुर कैंट- बाल्मीकिनगर ट्रैक के दोहरीकरण का प्रस्ताव है तो लखनऊ-कानपुर रूट पर तीसरी व चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु आगामी वित्त वर्ष में सात हजार करोड़ रुपये से भी अधिक के रेलवे प्रोजेक्टों को पूरा करने का खाका तैयार कर चुके हैं।
वाराणसी-गोरखपुर वाया लालगंज-आजमगढ़ नई लाइन के सर्वे के लिए भी अलग से बजट दिया गया है। इसी तरह पडरौना-कुशीनगर समेत कई रूट पर नई लाइन भी बिछाने का काम पूरा किया जाएगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु आगामी वित्त वर्ष में सात हजार करोड़ रुपये से भी अधिक के रेलवे प्रोजेक्टों को पूरा करने का खाका तैयार कर चुके हैं। यूपीए कार्यकाल से 541 प्रतिशत अधिक बजट का ऐलान किया गया है।
इस साल के बजट में वाराणसी और मुगलसराय के बीच 16.72 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन को बनाने के लिए बजट मंजूर किया गया है। इस योजना पर 205.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पडरौना और कुशीनगर के बीच वाया गोरखपुर 64 किलोमीटर 1345 करोड़ की लागत से नई लाइन बिछेगी।
इसी तरह पीलीभीत और शाहजहांपुर के बीच 83 किलोमीटर लंबी लाइन 622.5 करोड़ रुपये से बनेगी। मथुरा और वृंदावन के बीच भी 11 किलोमीटर लंबी नई लाइन बिछाने की योजना है। इस पर 97.96 करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह संभल और गजरौला के बीच 45 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए 860 करोड़ की रकम मंजूरी की गई है। इस लाइन को राज्य सरकार के साथ मिलकर डाली जाएगी।
लखनऊ-कानपुर के बीच अतिरिक्त लूप लाइन के लिए 11.89 करोड़ रुपये खर्च होंगे तो आलमगढ़ में गुड्स शेड के लिए छह करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बाराबंकी-मलहौर के बीच 32 किलोमीटर तीसरी व चौथी लाइन बिछेगी। इस पर दो सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कहां-कहां बिछेगी नई लाइन
जौनपुर जंक्शन-जौनपुर सिटी के बीच
भाऊपुर-पनकी चौथी लाइन
वाराणसी-मुगलसराय तीसरी लाइन मालवीय ब्रिज पर दो लाइन
सर्वे के लिए भी बरसा धन
नई लाइन के सर्वे के लिए भी रेलवे बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। लिहाजा अब उत्तर प्रदेश में वैसी जगह भी ट्रेन रफ्तार से दौड़ेगी जहां रेल लाइन नहीं है। बिजनौर-हस्तिनापुर-मेरठ के बीच करीब 62 किलोमीटर नई लाइन का सर्वे किया जाएगा। इसी तरह आगरा-करौली, वाराणसी-गोरखपुर वाया लालगंज और आजमगढ़, झांसी, शिवपुरी-सिओपुरी-सवाई माधोपुर के बीच 290 किलोमीटर का सर्वे करने के लिए राईट्स को कहा गया है। हरदोई-गुरशाहगंज वाया सांडी रेल लाइन के लिए 55 किलोमीटर का सर्वे किया जाएगा।
आगरा-अकोला-खेडग़ढ-तंतापुर-बयाना के बीच 95 किलोमीटर रेल लाइन का सर्वे किया जाएगा।
नई लाइन का सर्वे कहा होगा
आगरा-अकोला-खैरागढ़-टंटपुर-बबयाना के बीच 95 किलोमीटर
अनवरगंज-मंधाना के बीच करीब 17 किलोमीटर
माधोगंज-कन्नौज वाया गंगाब्रिज 25 किलोमीटर
आगरा-करौली के बीच करीब 60 किलोमीटर
बरेली-चंदौसी-अलीगढ़ के बीच 127 किलोमीटर
मुगलसराय-पटना-क्यूल के बीच तीसरी लाइन का सर्वे करीब 335 किलोमीटर
रेल मार्गों के विद्युतीकरण पर भी रहेगा जोर
डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन दौड़ाने का भी काम इस साल उत्तर प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर किया जाएगा। इससे जहां मिशन रफ्तार को बढ़ावा मिलेगा वहीं यात्रियों को ट्रेनों की लेटलतीफी से छुटकारा मिलेगा। विद्युतीकरण केलिए 1162.69 करोड़ों रुपये इस साल रेलवे उत्तर प्रदेश में खर्च करेगा। गुमटी पर ट्रेनों को रुकना नहीं पड़े और लोग हादसों का शिकार नहीं हो इसके लिए 27 आरयूबी, आरओबी और सबवे बनाने का काम किया जाएगा।
इस पर रेलवे 1538.49 करोड़ रुपया खर्च करेगा। यात्री सुविधाओं के विकास के लिए स्टेशनों पर 96 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
किस रूट पर होगा विद्युतीकरण
बरेली-चंदौसी-हरदुआगंज वाया चंदौसी-मुरादाबाद विद्युतीकरण किया जाएगा। इसी तरह भदोई-उड़ी के बीच 113 किलोमीटर रूट पर विद्युतीकरण किया जाएगा। कप्तानगंज-थावे-खैरा-छपरा कचहरी के बीच,
शिकोहाबाद- फर्रूखाबाद के बीच 158 किलोमीटर, मनकापुर-कटरा-अयोध्या के बीच 38 किलोमीटर, गजरौला-मुअज्जमपुर-नारायन 95 किलोमीटर, उन्नाव-ऊंचाहार 113 किलोमीटर, कासगंज-बरेली-भोजीपुरा-
डालीगंज के बीच, उन्नाव-बालामऊ-सीतापुर के बीच विद्युतीकरण किया जाएगा।