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जानें शत्रुघ्न सिन्हा ने किस चीज को बताया करियर की सबसे बड़ी भूल
एजेंसी/कोलकाता
Updated Sat, 28 Jan 2017 04:11 AM IST
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शत्रुघ्न सिन्हा
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वरिष्ठ बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघभन सिन्हा ने महान फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे के साथ काम नहीं करना अपने करियर की सबसे बड़ी भूल में से एक बताया है।
उन्होंने यहां चल रहे 41वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला के दौरान चौथे कोलकाता साहित्य समारोह के दौरान यह बात कही। गौतम घोष के निर्देशन में 1987 में बांगला फिल्म अंतर्जली जात्रा में काम कर चुके सिन्हा ने इस मौके पर यह भी बताया कि उन्हें सत्यजीत रे के निर्देशन में काम करने का मौका भी मिला था।
सिन्हा ने कहा, बहुत कम लोगों को पता है कि मैं माणिकदा के साथ एक फिल्म करने वाला था लेकिन यह नहीं हो पाया। उस फिल्म में सौमित्र चटर्जी दूसरे अभिनेता होने वाले थे। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को कभी भी अपना व्यक्तित्व और मौलिकता नहीं त्यागना चाहिए।
उन्होंने कहा, मुझे क्षेत्रीय फिल्मों में खूब कॉपी किया गया है। मेरे स्टाइल और हाव-भाव क ी खूब नकल की गई है लेकिन मैंने कभी भी किसी की नकल नहीं की। इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में खुद को साबित करना चाहिए और यही मेरी आत्मकथा एनीथिंग बट खामोश का संदेश है।
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उन्होंने यहां चल रहे 41वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला के दौरान चौथे कोलकाता साहित्य समारोह के दौरान यह बात कही। गौतम घोष के निर्देशन में 1987 में बांगला फिल्म अंतर्जली जात्रा में काम कर चुके सिन्हा ने इस मौके पर यह भी बताया कि उन्हें सत्यजीत रे के निर्देशन में काम करने का मौका भी मिला था।
सिन्हा ने कहा, बहुत कम लोगों को पता है कि मैं माणिकदा के साथ एक फिल्म करने वाला था लेकिन यह नहीं हो पाया। उस फिल्म में सौमित्र चटर्जी दूसरे अभिनेता होने वाले थे। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को कभी भी अपना व्यक्तित्व और मौलिकता नहीं त्यागना चाहिए।
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उन्होंने कहा, मुझे क्षेत्रीय फिल्मों में खूब कॉपी किया गया है। मेरे स्टाइल और हाव-भाव क ी खूब नकल की गई है लेकिन मैंने कभी भी किसी की नकल नहीं की। इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में खुद को साबित करना चाहिए और यही मेरी आत्मकथा एनीथिंग बट खामोश का संदेश है।
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