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कोरोना वैक्सीन का क्या है सीन? काम-दाम समेत तमाम सवालों के जवाब
Tue, 24 Nov 2020 02:41 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार संभव
Updated Tue, 24 Nov 2020 02:41 PM IST
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कोविड-19 की वैक्सीन
- फोटो : pixabay
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कोविड-19 वैक्सीन का इंतजार पूरी दुनिया को है। तमाम फार्मा कंपनियां इस दौड़ में शामिल हैं, लेकिन अब तक सिर्फ फाइजर, मॉडर्ना और ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन के फेज-3 का ट्रायल डाटा सामने आया है। इनमें भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड वैक्सीन से हैं, जिसके लिए सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने डील की है। दरअसल, इसी वैक्सीन को कोरोना के खिलाफ 90 प्रतिशत तक कारगर माना जा रहा है। इस रिपोर्ट में जानते हैं कि आखिर कोरोना वैक्सीन का सीन क्या है? इसकी कीमत कितनी होगी? यह काम कैसे करेगी और आम लोगों तक कैसे पहुंचेगी? साथ ही, वैक्सीन का रखरखाव कैसे होगा?
इतनी होगी कोविशील्ड की कीमत
सूत्रों के मुताबिक, कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत करीब 500 से 600 रुपये तक हो सकती है, लेकिन सरकार को यह वैक्सीन 50 प्रतिशत डिस्काउंट पर मिलेगी। अभी किसी भी वैक्सीन के सीधे बाजार में बिकने के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई है।
कितनी कारगर होगी कोविशील्ड?
बता दें कि कोविड-19 को रोकने में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड अब तक कारगर साबित हुई है। वैक्सीन के फेज-3 के ट्रायल में सामने आया है कि यह वैक्सीन 70.4 प्रतिशत तक सफल रही है। हालांकि, शोधकर्ताओं का दावा है कि डोज की मात्रा बदलने पर वैक्सीन और असरदार साबित हो रही है। ऐसे में नतीजे 90 फीसदी तक सकारात्मक रहे।
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इन देशों में हुआ ट्रायल
जानकारी के मुताबिक, कोविशील्ड वैक्सीन के ट्रायल यूके, ब्राजील और भारत समेत कई देशों में हो चुके हैं। अब तक इस वैक्सीन का कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है। हालांकि, यूके में एक पार्टिसिपेंट की तबीयत जरूर बिगड़ गई थी, जिसके बाद ट्रायल रोक दिया गया था।
ऐसे होगा वैक्सीन का रखरखाव
गौर करने वाली बात है कि भारत में कोविड-19 वैक्सीन का रखरखाव करना थोड़ा मुश्किल है। दरअसल, फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन शून्य से भी काफी कम तापमान पर रखनी पड़ती है, जबकि कोविशील्ड को 2 से 8 डिग्री तापमान पर स्टोर किया जा सकता है। भारत में अधिकतर वैक्सीन इसी तापमान पर रखी जाती हैं। ऐसे में भारत के हालात के हिसाब से कोविशील्ड सबसे बेहतर वैक्सीन मानी जा रही है।
सरकार ने बनाया कोविन ऐप
भारत में कोविशील्ड का ट्रायल शुरू हो चुका है। ऐसे में भारत सरकार ने कोरोना टीकाकरण के लिए कोविन नाम का खास ऐप भी बनाया है, जिसमें वैक्सीन का पूरा डाटाबेस रहेगा। इस ऐप के माध्यम से सरकार को कोविशील्ड वैक्सीन के स्टॉक, डिस्ट्रिब्यूशन और स्टोरेज जैसी अहम जानकारियां आसानी से मिल जाएंगी। साथ ही, पहली बार वैक्सीन पाने वालों को अगला टीका कब लगेगा, इसका शेड्यूल भी ऐप पर रहेगा।
आम लोगों तक ऐसे पहुंचेगी वैक्सीन
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार सीधे वैक्सीन निर्माताओं से डोज खरीदेगी। इसके राज्यों और जिलों में मौजूद नेटवर्क की मदद से पहले गंभीर पीड़ितों को टीका लगाया जाएगा। इस दौरान पीड़ित को टीकाकरण की लिस्ट में शामिल किया जाएगा, जिसका डाटा उसके आधार से लिंक होगा। इससे यह पता रहेगा कि किसे टीका लग चुका है और किसे नहीं।
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इतनी होगी कोविशील्ड की कीमत
सूत्रों के मुताबिक, कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत करीब 500 से 600 रुपये तक हो सकती है, लेकिन सरकार को यह वैक्सीन 50 प्रतिशत डिस्काउंट पर मिलेगी। अभी किसी भी वैक्सीन के सीधे बाजार में बिकने के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई है।
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कितनी कारगर होगी कोविशील्ड?
बता दें कि कोविड-19 को रोकने में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड अब तक कारगर साबित हुई है। वैक्सीन के फेज-3 के ट्रायल में सामने आया है कि यह वैक्सीन 70.4 प्रतिशत तक सफल रही है। हालांकि, शोधकर्ताओं का दावा है कि डोज की मात्रा बदलने पर वैक्सीन और असरदार साबित हो रही है। ऐसे में नतीजे 90 फीसदी तक सकारात्मक रहे।
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इन देशों में हुआ ट्रायल
जानकारी के मुताबिक, कोविशील्ड वैक्सीन के ट्रायल यूके, ब्राजील और भारत समेत कई देशों में हो चुके हैं। अब तक इस वैक्सीन का कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है। हालांकि, यूके में एक पार्टिसिपेंट की तबीयत जरूर बिगड़ गई थी, जिसके बाद ट्रायल रोक दिया गया था।
ऐसे होगा वैक्सीन का रखरखाव
गौर करने वाली बात है कि भारत में कोविड-19 वैक्सीन का रखरखाव करना थोड़ा मुश्किल है। दरअसल, फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन शून्य से भी काफी कम तापमान पर रखनी पड़ती है, जबकि कोविशील्ड को 2 से 8 डिग्री तापमान पर स्टोर किया जा सकता है। भारत में अधिकतर वैक्सीन इसी तापमान पर रखी जाती हैं। ऐसे में भारत के हालात के हिसाब से कोविशील्ड सबसे बेहतर वैक्सीन मानी जा रही है।
सरकार ने बनाया कोविन ऐप
भारत में कोविशील्ड का ट्रायल शुरू हो चुका है। ऐसे में भारत सरकार ने कोरोना टीकाकरण के लिए कोविन नाम का खास ऐप भी बनाया है, जिसमें वैक्सीन का पूरा डाटाबेस रहेगा। इस ऐप के माध्यम से सरकार को कोविशील्ड वैक्सीन के स्टॉक, डिस्ट्रिब्यूशन और स्टोरेज जैसी अहम जानकारियां आसानी से मिल जाएंगी। साथ ही, पहली बार वैक्सीन पाने वालों को अगला टीका कब लगेगा, इसका शेड्यूल भी ऐप पर रहेगा।
आम लोगों तक ऐसे पहुंचेगी वैक्सीन
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार सीधे वैक्सीन निर्माताओं से डोज खरीदेगी। इसके राज्यों और जिलों में मौजूद नेटवर्क की मदद से पहले गंभीर पीड़ितों को टीका लगाया जाएगा। इस दौरान पीड़ित को टीकाकरण की लिस्ट में शामिल किया जाएगा, जिसका डाटा उसके आधार से लिंक होगा। इससे यह पता रहेगा कि किसे टीका लग चुका है और किसे नहीं।