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अरुणाचल सरकार ने पीआरसी देने की सिफारिशें नहीं मानी - रिजिजू
Mon, 25 Feb 2019 06:14 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 25 Feb 2019 06:14 AM IST
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किरण रिजिजू
- फोटो : ANI
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अरुणाचल प्रदेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार ने छह समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (पीआरसी) देने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों को अस्वीकार कर दिया है। इसके लिए रिजिजू ने कांग्रेस को लोगों के एक खास वर्ग को उकसाने के लिए दोषी ठहराया है।
रिजिजू ने अपने ट्वीट में बताया कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने नामसी और चांगलांग जिलों में रहने वाले छह समुदायों को पीआरसी न देने का फैसला किया है। इसके कारण राज्य की राजधानी ईटानगर और अन्य स्थानों पर व्यापक हिंसा की खबर आई है, जिसमें कम से कम दो व्यक्तियों की मौत हो गई, कई लोगों को चोट लगी और संपत्तियों और वाहनों को नष्ट कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की मदद करने के लिए राज्य में 1,000 अर्धसैनिक बलों को भेजा है।
रिजिजू ने कहा कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने साफ किया है कि राज्य सरकार पीआरसी पर बिल नहीं ला रही है, लेकिन केवल नबाम रेबिया के नेतृत्व वाली समिति की रिपोर्ट को सदस्यों और छात्र संगठनों से जोड़ रही है। इसका सीधा मतलब है कि राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया है। रेबिया राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
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रिजिजू ने कहा, मैंने शुरू से ही राज्य सरकार से पीआरसी नहीं देने का आग्रह किया है, जब तक कि लोग स्वदेशी अधिकारों के पूर्ण संरक्षण के लिए आश्वस्त नहीं हो जाते। हमें एकजुट होना चाहिए। अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोग राज्य सरकार की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं कि वह छह गैर-अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति (एपीएसटी) समुदायों नामसी और चांगलांग जिले में रहने वाले और विजयनगर में रहने वाले गोरखाओं को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (पीआरसी) जारी करने पर विचार कर रही है। उन समुदायों में देवरिस, सोनोवाल कछारियां, मोरान, आदिवासी और मूल निवासी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश समुदायों को पड़ोसी राज्य असम में अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है।
गृह मंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इसे लेकर उन्होंने अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से भी बात कर राज्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष गांधी ने ट्वीट कर कहा, अरुणाचल प्रदेश में पुलिस की गोलीबारी में निर्दोष की मौत से मुझे काफी दुख हुआ। युवक के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग शीघ्र स्वस्थ हो जाएं और अरुणाचल में शांति लौट आए।
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रिजिजू ने अपने ट्वीट में बताया कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने नामसी और चांगलांग जिलों में रहने वाले छह समुदायों को पीआरसी न देने का फैसला किया है। इसके कारण राज्य की राजधानी ईटानगर और अन्य स्थानों पर व्यापक हिंसा की खबर आई है, जिसमें कम से कम दो व्यक्तियों की मौत हो गई, कई लोगों को चोट लगी और संपत्तियों और वाहनों को नष्ट कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की मदद करने के लिए राज्य में 1,000 अर्धसैनिक बलों को भेजा है।
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रिजिजू ने कहा कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने साफ किया है कि राज्य सरकार पीआरसी पर बिल नहीं ला रही है, लेकिन केवल नबाम रेबिया के नेतृत्व वाली समिति की रिपोर्ट को सदस्यों और छात्र संगठनों से जोड़ रही है। इसका सीधा मतलब है कि राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया है। रेबिया राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
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रिजिजू ने कहा, मैंने शुरू से ही राज्य सरकार से पीआरसी नहीं देने का आग्रह किया है, जब तक कि लोग स्वदेशी अधिकारों के पूर्ण संरक्षण के लिए आश्वस्त नहीं हो जाते। हमें एकजुट होना चाहिए। अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोग राज्य सरकार की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं कि वह छह गैर-अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति (एपीएसटी) समुदायों नामसी और चांगलांग जिले में रहने वाले और विजयनगर में रहने वाले गोरखाओं को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (पीआरसी) जारी करने पर विचार कर रही है। उन समुदायों में देवरिस, सोनोवाल कछारियां, मोरान, आदिवासी और मूल निवासी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश समुदायों को पड़ोसी राज्य असम में अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है।
गृह मंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इसे लेकर उन्होंने अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से भी बात कर राज्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष गांधी ने ट्वीट कर कहा, अरुणाचल प्रदेश में पुलिस की गोलीबारी में निर्दोष की मौत से मुझे काफी दुख हुआ। युवक के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग शीघ्र स्वस्थ हो जाएं और अरुणाचल में शांति लौट आए।