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Kiren Rijiju: मालदीव के राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में जाएंगे किरेन रिजिजू, विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
Wed, 15 Nov 2023 02:46 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 15 Nov 2023 02:46 PM IST
सार
मोहम्मद मुइज को चीन समर्थक माना जाता है। मुइज ने मालदीव से भारतीय सैनिकों को वापस भेजने का भी एलान किया है। माना जा रहा है कि मोहम्मद मुइज के शासनकाल में मालदीव में फिर से चीन का दबदबा बढ़ सकता है।
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मालदीव के राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। बता दें कि मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को आयोजित होगा। मालदीव की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया था। हालांकि पीएम मोदी मालदीव नहीं जा रहे हैं और उनकी जगह केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू मालदीव दौरे पर जाएंगे और शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा 'मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज के आमंत्रण पर केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू 16-18 नवंबर तक मालदीव का दौरा करेंगे और शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।' विदेश मंत्रालय ने कहा कि उच्च स्तरीय मंत्री का शपथ ग्रहण समारोह में जाना इस बात का सबूत है कि भारत दोनों देशों के लोगों के बीच सहयोग बढ़ाने का समर्थक है। मालदीव, भारत का अहम समुद्री पड़ोसी है और हिंद महासागर में प्रधानमंत्री के विजन 'सागर' और 'पहले पड़ोसी नीति' में विशेष जगह रखता है।
मुइज को माना जाता है चीन समर्थक
मोहम्मद मुइज को चीन समर्थक माना जाता है। मुइज ने मालदीव से भारतीय सैनिकों को वापस भेजने का भी एलान किया है। माना जा रहा है कि मोहम्मद मुइज के शासनकाल में मालदीव में फिर से चीन का दबदबा बढ़ सकता है। मोहम्मद मुइज को मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन का करीबी माना जाता है। अब्दुल्ला यामीन के राष्ट्रपति रहते हुए भी चीन का मालदीव में खासा प्रभाव रहा था। मुइज ने सितंबर में हुए चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम सालेह को हराया है। सालेह के कार्यकाल में भारत और मालदीव के रिश्ते मजबूत हुए थे लेकिन अब मुइज के शासनकाल में चीन को वरीयता मिलने की आशंका है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहम्मद मुइज के शपथ ग्रहण में चीन की तरफ से राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष दूत, जो चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं, शामिल होंगे।
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विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा 'मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज के आमंत्रण पर केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू 16-18 नवंबर तक मालदीव का दौरा करेंगे और शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।' विदेश मंत्रालय ने कहा कि उच्च स्तरीय मंत्री का शपथ ग्रहण समारोह में जाना इस बात का सबूत है कि भारत दोनों देशों के लोगों के बीच सहयोग बढ़ाने का समर्थक है। मालदीव, भारत का अहम समुद्री पड़ोसी है और हिंद महासागर में प्रधानमंत्री के विजन 'सागर' और 'पहले पड़ोसी नीति' में विशेष जगह रखता है।
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मुइज को माना जाता है चीन समर्थक
मोहम्मद मुइज को चीन समर्थक माना जाता है। मुइज ने मालदीव से भारतीय सैनिकों को वापस भेजने का भी एलान किया है। माना जा रहा है कि मोहम्मद मुइज के शासनकाल में मालदीव में फिर से चीन का दबदबा बढ़ सकता है। मोहम्मद मुइज को मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन का करीबी माना जाता है। अब्दुल्ला यामीन के राष्ट्रपति रहते हुए भी चीन का मालदीव में खासा प्रभाव रहा था। मुइज ने सितंबर में हुए चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम सालेह को हराया है। सालेह के कार्यकाल में भारत और मालदीव के रिश्ते मजबूत हुए थे लेकिन अब मुइज के शासनकाल में चीन को वरीयता मिलने की आशंका है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहम्मद मुइज के शपथ ग्रहण में चीन की तरफ से राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष दूत, जो चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं, शामिल होंगे।