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Air India Express Row: ओमान में भारतीय की मौत पर फूटा परिजनों का गुस्सा, कार्यालय के बाहर शव रखकर मांगा मुआवजा
Thu, 16 May 2024 04:39 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Thu, 16 May 2024 04:39 PM IST
सार
Air India Express Row: परिजनों ने शव को एआईएसएटीएस (AISATS) कार्यालय के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। परिवार ने आरोप लगाया कि अगर मृतक की पत्नी को ओमान जाने दिया जाता, तो शायद मौत को रोका जा सकता था।
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एयर इंडिया एक्सप्रेस
- फोटो : एएनआई
विस्तार
ओमान में भारतीय नागरिक की मौत के बाद मृतक के परिजनों ने विरोध प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की है। परिजनों ने शव को एआईएसएटीएस (AISATS) कार्यालय के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। बता दें कि 13 मई को ओमान के अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक भारतीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। परिवार ने आरोप लगाया था कि अगर एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान रद्द नहीं होती तो उनकी पत्नी अपने पति की मौत से पहले उनसे मिल सकती थी।
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एआईएसएटीएस कार्यालय के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
परिजनों ने आरोप लगाया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस के चालक दल की हड़ताल की वजह से बार बार उड़ानें रद्द की हो रही थीं। इस वजह से मृतक की पत्नी अपने पति से मिलने नहीं जा सकीं। मृतक के ससुर ने दावा किया कि अगर उनकी बेटी को ओमान जाने दिया जाता, तो शायद मौत को रोका जा सकता था। मृतक के शव को केरल लाया गया और इसके तुरंत बाद परिजन शव को एयर इंडिया सेट्स प्राइवेट लिमिटेड (एआईएसएटीएस) के कार्यालय के बाहर पहुंचे। परिजनों ने कार्यालय के बाहर शव रखकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
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‘एयर इंडिया एक्सप्रेस को जवाब देना होगा’
मृतक के सुसर ने आरोप लगाया कि एयरलाइन की उदासीनता की वजह से उनके दामाद की मौत हुई है। उन्होंने मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस को इस पर जवाब देना होगा। मृतक के ससुर ने कहा ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस को मेरी बेटी और मेरे नातियों का ध्यान रखने के लिए हमें मुआवजा देना होगा। जब तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ, मैं यहां से कहीं नहीं जाऊंगा।’ इसके बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में परिजनों से बातचीत की। वार्ता के बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
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क्या है पूरा मामला?
अमृता नाम की महिला ने मस्कट में अपने पति से मिलने के लिए आठ मई का टिकट बुक कराया था, लेकिन यहां हवाई अड्डे पहुंचने पर उसे बताया गया कि उड़ान रद्द हो गई है। हवाई अड्डे पर इसका विरोध करने पर उन्हें अगले दिन एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक अन्य उड़ान का टिकट दिया गया, लेकिन दुर्भाग्य से, उसे भी रद्द कर दिया गया और उन्हें अपनी यात्रा की योजना पूरी तरह से छोड़नी पड़ी। सोमवार को ओमान से उनके पति की मौत की खबर उनके पास पहुंची।
केबिन क्रू के छुट्टी पर जाने से 260 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन में कथित कुप्रबंधन के विरोध में चालक दल के सदस्यों की कमी के कारण एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पिछले सप्ताह 'बड़ी संख्या में उड़ानें' रद्द कर दी थीं। कम लागत वाली एयरलाइन में केबिन क्रू के सदस्यों के असंतोष कारण ये उड़ानें रद्द की गईं। केबिन क्रू का यह असंतोष एआईएक्स कनेक्ट (पूर्व में एयर एशिया इंडिया) के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की विलय की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शुरू हुआ। बाद में 10 मई को छुट्टी पर गए केबिन क्रू के सदस्यों ने समझौते के बाद काम पर लौटने की हामी भरी, जिसके बाद एयरलाइन की ओर से केबिन क्रू के 25 सदस्यों की बर्खास्तगी को वापस ले लिया गया। एयरलाइन के एक सूत्र ने बताया था कि चालक दल की कमी के कारण आठ मई से 10 मई के बीच एअर इंडिया एक्सप्रेस को 260 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी। एयरलाइन ने 12 मई को कहा था कि वह धीरे-धीरे अपनी उड़ान सेवाओं को बहाल कर रही है और मंगलवार तक स्थिति पूर्ण रूप से सामान्य होने की उम्मीद है। उसी दिन, केबिन क्रू यूनियन ने कहा कि बीमार होने की सूचना देने वाले सभी सदस्यों ने 11 मई तक ड्यूटी ज्वाइन कर ली।