खालिस्तान: कनाडा में निज्जर इस मॉडल से तैयार करता था आतंकी! सिख युवकों को देता था हथियारों की ट्रेनिंग
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विस्तार
खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर कनाडा में मासूम सिख युवको को गुमराह कर उन्हें खालिस्तानी आतंकी और समर्थक बनाने की ट्रेनिंग दे रहा था। निज्जर का आतंकी बनाने का मॉडल उस मार्केटिंग चेन मॉडल की तरह था, जिसमें पहले वह चार लोगों को प्रशिक्षित करता था, फिर वही चार लोग अपनी देखरेख में अन्य चार चार लोगों को प्रशिक्षित कर युवाओं को खालिस्तानी समर्थक गिरोह में शामिल करते थे। कनाडा में मासूम सिख युवकों को अपने इस आतंकी अभियान में शामिल करने के लिए वह बीते कई सालों से निज्जर और उसका संगठन अलग-अलग गुरुद्वारों में जाकर प्रार्थना सभा के माध्यम से युवकों की पहचान करता था। उसके बाद वह अपने गैंग में शामिल इन युवाओं को सिख फॉर जस्टिस समेत कनाडा के अलग-अलग इलाकों में हथियारों का प्रशिक्षण भी देता था। कनाडा सरकार को निज्जर के इस टेरर फोर्स मॉड्यूल के बारे में भारत सरकार की ओर से सुबूतों के साथ दस्तावेज भी सौंप थे।
खुफिया सूत्रों से मिले इनपुट बताते हैं कि कनाडा में आतंकी निज्जर न सिर्फ उस गुरुद्वारे से मासूम सिख युवकों को खालिस्तानी समर्थक आतंकी बनने के लिए प्रेरित करता था, जिसमें वह अध्यक्ष था बल्कि अन्य गुरुद्वारों में भी वह प्रार्थना सभा में युवाओं की तलाश करता था। सूत्रों का कहना है कि निज्जर ने अपने नेटवर्क के माध्यम से कनाडा पहुंचने वाले मासूम युवकों को न सिर्फ अपने खालिस्तान एजेंडे वाले ग्रुप में शामिल करता था। बल्कि भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए जन समर्थन और रैलियों समेत आंदोलन भी करता था। इसके लिए बाकायदा आतंकी निज्जर अपने आका गुरपतवंत सिंह पन्नू के आदेश पर कनाडा के अलग-अलग गुरुद्वारों में बड़ी-बड़ी संगतो में जाकर भारत विरोधी अभियान को आगे बढ़ता था। सूत्रों के मुताबिक वह इस दौरान एक तय टारगेट संख्या में ही सिख युवकों को अपने गैंग में शामिल करता था। फिर वह जितने लोगों को अपने गैंग में शामिल करता था, उसके बाद प्रत्येक शामिल व्यक्ति से कनाडा के अलग-अलग इलाकों में जाकर अपनी देख रेख में 8 से 10 सिख युवकों को शामिल करने की मुहिम चलवाता था।
खुफिया एजेंसियों को कनाडा में मिलने वाले इन इनपुट के आधार पर पता यही चलता है कि वह एक 'मार्केटिंग चेन मॉडल' के तहत सिख युवाओं को खालिस्तान और धर्म के नाम पर बहला फुसला कर सिख फॉर जस्टिस आतंकी संगठन को मजबूत कर रहा था। जानकारी तो इस बात की भी मिली है कि अमेरिका में बैठे सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू के इशारे पर निज्जर कनाडा के अलग-अलग हिस्सों में अपने गैंग में शामिल युवकों को हथियारों का प्रशिक्षण भी देता था। खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस दौरान निज्जर का और उसके आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस का कनाडा के एक बड़े सिख समुदाय ने विरोध भी किया था। कनाडा के बड़े सिख समुदाय ने निज्जर पर आरोप लगाया था कि कनाडा में रह रहे सिख समुदाय के एक बहुत छोटे हिस्से पर अपना कब्जा करके भारत विरोधी रणनीति बनाने और खालिस्तान की मांग करके समूचे समुदाय को बदनाम किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने कनाडा की सरकार को अपने देश के खिलाफ कनाडा की धरती पर चल रही इन गतिविधियों की पूरी जानकारी और फेहरिस्त भी सौंपी थी। लेकिन कनाडा सरकार ने इस पर कोई भी एक्शन नहीं लिया।
जिस आतंकी निज्जर की हत्या के चलते कनाडा ने भारत सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं, दरअसल उसे निज्जर का इतिहास न सिर्फ भारत बल्कि कनाडा की जमीन को भी आतंकी गतिविधियों में शामिल करने के लिए कुख्यात रहा है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि निज्जर ने कनाडा की जमीन को भारत के खिलाफ खालिस्तान विरोध के लिए सबसे मुफीद जगह मानी। इसके पीछे प्रमुख वजह यही थी कि कनाडा के कुछ राजनेता जो कि भारत का लगातार विरोध करते आए थे, वह उसे सहयोग और समर्थन करते थे। सूत्रों के मुताबिक निज्जर को कनाडा में सिख फॉर जस्टिस का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता था। सिख फॉर जस्टिस आतंकी संगठन के बैनर के तले गुरपतवंत सिंह पन्नू और हरदीप सिंह निज्जर ना सिर्फ भारत से कनाडा जाने वाले मासूम सिख युवकों को अपने जाल में फंसाता था, बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूके में भी सिख युवाओं को इसी राह पर आगे बढ़ाने के लिए भड़काता था।
वरिष्ठ राजनयिक रहे अरुणाभ चक्रवर्ती कहते हैं कि 2018 में जस्टिन ट्रूडो जब भारत आए थे, तब उनको खालिस्तानी आतंकवादियों की एक सूची सौंपी गई थी जो कनाडा में रह रहे थे। उसमें निज्जर का भी नाम था। इसके बाद भारत सरकार ने 2020 में पंजाब में अलगाववाद को बढ़ावा देने के आरोप में खालिस्तान समर्थक संगठन के नौ लोगों को आतंकवादी घोषित किया था, उसमें भी निज्जर भी नाम शामिल था। चक्रवर्ती कहते हैं तब सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत खलिस्तान समर्थकों पर यह कार्रवाई की थी। खुफिया एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि सभी नौ खालिस्तानी आतंकवादी पाकिस्तान सहित पांच अन्य देशों में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों में लगे हुए थे। वह कहते हैं कि निज्जर पिछले कई सालों से पंजाब में लगातार खालिस्तान टेरर फोर्स के मॉड्यूल को खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।