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लॉकडाउन में खादी ने किया कमाल, ऑनलाइन कारोबार से हुई मालामाल!
Mon, 01 Mar 2021 06:42 PM IST
Harendra Chaudhary
आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Mon, 01 Mar 2021 06:42 PM IST
सार
- खादी एंड विलेज इंडस्ट्री कमीशन ने जारी किए आंकड़े, बताया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी खादी को मिला बड़ा रिस्पांस
- दस मिलियन तक पहुंचा कारोबार, सबसे ज्यादा मास्क की डिमांड
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Khadi Mask
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
ऑनलाइन शॉपिंग के मामले में खादी ने कमाल कर दिया है। खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन की हालिया जारी हुई रिपोर्ट बताती है कि अभी खादी को ऑनलाइन हुए महज कुछ महीने हुए हैं और इन महीनों में खादी के ऑनलाइन पोर्टल से एक करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो चुका है। रिपोर्ट बताती है कि खादी के ही पोर्टल पर हजारों हजार लोग विजिट करते हैं।
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कोरोना जब पीक पर था और पूरे देश में लॉकडाउन की जंजीरे बंधी हुई थीं, लोग सिर्फ जरूरत के लिए ही घरों से निकलते थे उस वक्त खादी ने ई-पोर्टल की शुरूआत की। ई-कॉमर्स कंपनियों की प्रतिस्पर्धा के बाजार में खादी को स्थापित होने में बहुत वक्त नहीं लगा।
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खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन से जुड़े अधिकारियों का कहना है महज सात महीने में खादी के ई-पोर्टल से 1.10 करोड़ का कारोबार हो चुका है। इन सात महीनों में 65000 से ज्यादा विजिटर जुड़े हैं। आयोग के आंकड़े बताते हैं सात महीनों में एक लाख से ज्यादा प्रोडक्ट लोगों के घरों में पहुंचाए गए। सबसे ज्यादा खरीदारी करने वालों में महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं। मास्क की बिक्री खूब हुई।
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खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना कहते हैं कि खादी का यह ई-पोर्टल बहुत यूनिक है। स्वदेशी अभियान को बढ़ाने के लिए इससे बेहतर और कोई नहीं है। वे कहते हैं लोगों ने जिस तरीके से खादी के प्रति अपना प्यार और स्वदेशी को अपनाने का रुझान दिखाया है वह आने वाले वक्त में और बढ़ेगा। सक्सेना कहते हैं कि खादी कई पोर्टल पर बहुत ज़रूरी प्रोडक्ट उपलब्ध है। जिसकी कीमत 50 रुपये से लेकर 5000 रुपए तक है।
एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी कहते हैं, खादी पोर्टल पर जिस तरीके से लोग खरीददारी कर रहे हैं वह अभूतपूर्व है। गडकरी कहते हैं खादी की ई-मार्केटिंग यह साबित करती है कि वह गेम चेंजर है। मंत्रालय का अनुमान है कि जल्द ही यह इंडस्ट्री 200 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच जाएगी।