फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Khabaron Ke Khiladi Poison from the tap claimed a life who is responsible

Khabaron Ke Khiladi: नल से निकले जहर ने ले ली जान, विश्लेषकों ने बताया आखिर इसका जिम्मेदार कौन

Sat, 03 Jan 2026 09:13 PM IST
संध्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 03 Jan 2026 09:13 PM IST
सार

इंदौर में जहरीला पानी पीने से 15 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। लोग लगातार प्रसाशन से गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। फिर इस पानी से लोगों की मौत की सिलसिला शुरू हो गया। 

विज्ञापन
Khabaron Ke Khiladi Poison from the tap claimed a life who is responsible
सीट का समीकरण: इंदौर में जहरीला पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर इस वक्त सुर्खियों में है। वहां नल से ऐसा जहर निकला कि 15 मौतें हो गईं। हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन सचेत हुआ है। आखिर हम किस सदी में रह रहे हैं? क्या इन मौतों का जवाब सिर्फ चंद लाख रुपये का मुआवजा है? कुछ ऐसे ही सवालों पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, अनुराग वर्मा, अजय सेतिया, बिलाल सब्जवारी, पीयूष पंत और राजनीतिक विश्लेषक संजय राणा मौजूद रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन


अजय सेतिया: देखिए, कैलाश विजयवर्गीय ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया वह सड़क छाप भाषा है। वो पहले भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। उसको छोड़ भी दें तो सवाल ये पैदा होता है कि प्रशासनिक लापरवाही इतनी हुई क्यों? मेरा मानना है कि ये एक तरह की प्रशासनिक लापरवाही है और दूसरा ये एक बड़े भ्रष्टाचार का भी मामला है। हमारे सिस्टम में एक बड़ी कमी है कि एक सामान्य ग्रेजुएट IAS वित्त, सेवा और इंजीनियरिंग सब देखता है, जबकि उसे स्पेशलाइज्ड ज्ञान नहीं होता। जब सीवरेज का पानी वाटर पाइपलाइन में मिल जाता है, तभी मैला पानी आता है।   

विज्ञापन
विज्ञापन

अनुराग वर्मा: दुर्भाग्य से जान बहुत सस्ती हो गई है। 25-27 साल पहले भी ऐसी ही स्थिति थी और आज भी वही है। हम लोगों को मल-मूत्र मिला हुआ पानी पिला रहे हैं और उन्हें मार रहे हैं। नगर निगम और निकायों की कोई जवाबदेही नहीं है। वहां का मेयर कह रहे हैं कि अधिकारी नहीं सुन रहे, तो अधिकारी क्यों नहीं सुन रहे हैं। फिर आप किस बात के मेयर हो? इसका मतलब ये है कि मेयर का कोई रोल नहीं है। ये सिर्फ इंदौर में हुआ है, लेकिन ऐसी बहुत सी जगह हैं जहां इस तरह की घटना के मुहाने पर हम बैठे हैं। 

पीयूष पंत: जिम्मेदारी सीधे प्रशासन और संबंधित मंत्री की बनती है। लोग अक्तूबर से शिकायत कर रहे थे कि पानी से बदबू आ रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके पहले भी अगस्त 2024 में टेंडर की प्रक्रिया अप्रूव हो गई थी कि पाइप बदली जानी है। यह डबल इंजन या ट्रिपल इंजन सरकार की कुशलता पर सवाल है। ये पूरा सिस्टम इसके लिए अकाउंटेबल है। 

बिलाल सब्जवारी: यह सिस्टम का फेल्योर है। इसी की वजह से हादसा हुआ। मौतों के आंकड़ों पर भी तीन विरोधाभासी बयान हैं। राज्य सरकार हाईकोर्ट में 4 मौतें बताती है, जबकि स्थानीय लोग और मेयर 14-15 बता रहे हैं। जिस तरह से उमा भारती ने रिएक्ट किया वो सरकार की लापरवाही को बताता है। जिस तरह से कैलाश विजयवर्गीय ने बोला उससे ये पूरा मामला एक्सलरेट हो गया। कुल मिलाकर ये कह सकते  हैं कि ये पूरी व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराता है। 

संजय राणा: यह पूरी तरह एडमिनिस्ट्रेटिव फेल्योर है। यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस तरह से एक नेता का बयान है वह निंदनीय है। हर चीज की एक लाइफ साइकिल होती है। उस लाइफसाइकिल के पहले उस पाइपलाइन को बदल दिया जाना चाहिए था। हमें बयानबाजी के बजाय ह्यूमन लाइफ पर बात करनी चाहिए।  इस पूरे मामले को बयानबाजी की जगह जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हम आज भी अंग्रेजो के सिस्टम पर जी रहे हैं। जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अगर कार्रवाई नहीं होगी, तो डर नहीं बैठेगा। कार्रवाई होगी तो डर बैठेगा और डर बैठेगा तो काम होगा। 

विनोद अग्निहोत्री: असली जड़ यह है कि कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती को जवाबदेही तय नहीं होती है। इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय का वर्चस्व है। वो वहां के नेता भी हैं, विधायक भी हैं और मंत्री भी हैं। बेहतर होता वो जिम्मेदारों पर कार्रवाई करवाते। वे अधिकारियों को बचाने के लिए ऐसी भाषा का उपयोग कर रहे हैं। जो उमा भारती ने कहा वह सही कहा। एक संवेदनशील नेता को गुस्सा आएगा ही। पहले अधिकारी संवेदनशील होते थे और खबरों का संज्ञान लेकर काम शुरू कर देते थे। आज IAS सर्विस को सर्वज्ञ मान लिया गया है, जबकि स्पेशलाइज्ड काम पेशेवरों को देने चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed