कर्नाटक में अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, पार्टी नेता ने कहा- गठबंधन से हुआ नुकसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्नाटक में करारी हार मिलने के बाद कांग्रेस आत्ममंथन कर रही है। कंग्रेस नेता इस हार के पीछे राज्य में जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के साथ गठबंधन को बड़ी वजह मान रहे हैं। वीरप्पा मोइली के बाद केएच मुनियप्पा ने कांग्रेस की हार के पीछे जेडीएस गठबंधन को बड़ी वजह माना है।
कांग्रेस नेता केएच मुनियप्पा ने कोलार में रविवार को कहा, गठबंधन न केवल कांग्रेस बल्कि जेडीएस के लिए भी महंगा साबित हुआ है। हमने एचडी देवगौड़ा जैसे नेता को हारते हुए देखा। हमें भविष्य के लिए संशोधन करने होंगे। हम गठबंधन सरकार चलाएंगे लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव अकेले-अकेले लड़ेंगे।
Congress leader K.H Muniyappa in Kolar, yesterday: Coalition has not just proved costly to Congress but also JD(S), we saw someone like HD Deve Gowda lose. We've to make amendments for future. We'll run the coalition govt. We will contest local body elections independently. pic.twitter.com/FAs1i1zdiU
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 24, 2019
यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक में गठबंधन सरकार के बीच मनमुटाव की खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा ने राज्य में मध्यवधि चुनाव कराए जाने की आशंका जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा था कि वह पांच सालों तक हमारा समर्थन करेंगे लेकिन अब उनके व्यवहार को देखिए। हमारे लोग स्मार्ट हैं।'
हालांकि अपने इस बयान के कुछ देर बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री पलट गए और कहा कि राज्य में चार साल गठबंधन की सरकार चलेगी। बाद में उन्होंने कहा था, 'मैंने वह स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए कहा था विधानसभा चुनाव के लिए नहीं। मैं यहां अपनी पार्टी को बनाने के लिए आया हूं। जैसा कि कुमारस्वामी ने जिक्र किया सरकार अगले चार सालों तक कायम रहेगी। कांग्रेस और जेडीएस के बीच यह सहमति बनी हुई है।'
देवगौड़ा ने उन रिपोर्ट्स से भी इनकार किया है जिसमें कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि गठबंधन से उनकी पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंच रहा है। जिसका नतीजा लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल एक सीट पर मिली जीत है।
पिछले साल मई में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हुए थे। राज्य में जनता ने किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं दिया जिसके कारण त्रिशंकु सरकार की स्थिति बनी। विधानसभा की 225 सीटों में से भाजपा को 104 पर जीत मिली थी। यह आंकड़ा बहुमत से नौ कम है। कांग्रेस को 80 और जेडीएस ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की। 23 मई को कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन ने राज्य में अपनी सरकार बनाई। कांग्रेस ने जेडीएस को बिना शर्त समर्थन दिया है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.