IS को चुनौती देने के लिए पुलिस की नई रणनीति, ली जा रही केरला के युवकों की मदद
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युवकों को भटका कर स्लामिक स्टेट(आईएस) में शामिल कराए जाने की घटना इन दिनों आम हो चली है। सेंट्रल मुंबई के इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाला 20 वर्षीय छात्र ताहा शेख(बदला नाम) महाराष्ट्र की एंटीटेरर स्क्वॉड(एटीएस) के आईएस के खिलाफ अभियान का प्रमुख चेहरा होगा। केरला से ताल्लुक रखने वाला शेख मुंबई में अपने चाचा के पास रहता है।
बताते चलें कि शेख वहीं हैं जिन्हें आईएस ने लालच देकर अपने चंगुल में में फंसा लिया था। इसके बाद वह उसके चंगुल से छूटे और एटीएस ने उसकी काउंसिलिंग की। इसके बाद से वह खुद से ही सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे संगठनो के खिलाफ अभियान चलाते रहे हैं। उन्होंने इसकी शुरूआत पेरिस में हुए आतंकी हमलो के समय से की थी। शेख ने सीरिया और यमन में हुए हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कई पोस्ट किए।
एटीएस अधिकारी ने बताया कि सितंबर में सर्विलांस के दौरान एटीएस को पता चला कि शेख आईएस के संपर्क में है। तभी से एटीएस की टीम उस पर अपनी निगाहें गड़ाए हुए थी।
आईआस की शिकार बन गए थे
आईएस के समर्थकों के संपर्क में आने और इंटरनेट के द्वारा कुछ दिन की बातचीत के बाद आईएस समर्थक ने उसे सीरिया यात्रा के लिए और वहां स्लामिक स्टेट में शमिल होने के लिए कहा इससे पहले शेख वहां जा पाता एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद शेख का जीवन सुधारने और उसकी पढाई वापस शुरू करने के लिए आठ पुलिस अधिकारियों, दो मनोचिकित्सकों, उसकी माँ, एक डॉक्टर, एक मौलाना और उसके दोस्तों ने एटीएस की मदद की। एटीएस के प्रयास के बाद शेख अब सामन्य जीवन जी रहे हैं और अन्य युवाओं की मदद के उद्देश्य के लिए वह खुद एटीएस के आईएस के खिलाफ अभियान का हिस्सा बन गए।