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Literacy in Hindi: हिंदी को लेकर शत-प्रतिशत साक्षरता की राह पर केरल का यह गांव, हर उम्र के लोग सीख रहे यह भाषा
Sun, 23 Oct 2022 11:30 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 23 Oct 2022 11:30 AM IST
सार
ग्राम पंचायत के अधिकारियों का कहना है कि हमारी प्राथमिकता उपलब्ध मानव संसाधन का उपयोग करते हुए अपने सीमित धन के साथ एक अनूठी परियोजना को लागू करना है। परियोजना के तहत 20 से 70 साल के प्रत्येक व्यक्ति को हिंदी में साक्षर बनाना है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
विस्तार
एक तरफ जब हिंदी को लेकर विशेष तौर पर दक्षिण पट्टी के राज्यों में जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है, तो दूसरी ओर केरल का एक गांव आने वाले कुछ सालों में 100 प्रतिशत हिंदी साक्षरता की राह पर आगे बढ़ रहा है।
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दरअसल, केरल के चेल्लनूर ग्राम पंचायत के अधिकारियों ने का कहना है कि उनका लक्ष्य अगले साल गणतंत्र दिवस तक गांव को पूर्ण हिंदी साक्षर पंचायत घोषित करना है। यह केरल में इस तरह का पहला और दक्षिण भारत का पहला नागरिक निकाय होगा।
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ग्राम पंचायत के अधिकारियों का कहना है कि हमारी प्राथमिकता उपलब्ध मानव संसाधन का उपयोग करते हुए अपने सीमित धन के साथ एक अनूठी परियोजना को लागू करना है। परियोजना के तहत 20 से 70 साल के प्रत्येक व्यक्ति को हिंदी में साक्षर बनाना है।
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जानकी अम्मा सीख रहीं हिंदी
इस गांव की 72 वर्षीय जानकी अम्मा भी हिंदी के प्रति सम्मान रखने वालों में से एक हैं। वह इस उम्र में इस भाषा को सीख भी रही हैं। जानकी अम्मा हिंदी में सिखाए गए एक वाक्य 'एक ठंडी अंधेरी रात सड़क पर जा रहा है' वाक्य को दोहराती हैं। यह वाक्य उनको पंचायत में सिखाया गया है। इस वाक्य को बोलते हुए अम्मा बहुत खुश भी होती हैं।
कई लोग सीख रहे हिंदी
जानकी अम्मा की तरह, सैकड़ों ग्रामीण, शैक्षिक बाधाओं को पारकर ग्राम पंचायत में हिंदी सीख रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्यक्रम में लोगों की भारी भागीदारी निश्चित रूप से इस बात का संकेत है कि यह भाषा उनके आने वाले जीवन में उन्हें बहुत अधिक मदद करेगी।