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केरल बाढ़: राहत राशि को लेकर यूएई का यू-टर्न, केंद्र सरकार और मदद को तैयार

Fri, 24 Aug 2018 09:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 24 Aug 2018 09:45 AM IST
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Kerala: UAE says no amount of financial aid announced and centre said ready to help more

केरल में पानी घटने से अब सरकार के सामने लोगों के पुनर्वास और आजीविका की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं बहुत से लोग और राज्य दक्षिण के इस राज्य की मदद करने के लिए आगे आए हैं। इन सबके बीच यूएई ने केरल की तरफ मदद का हाथ बढ़ाते हुए उसे 700 करोड़ रुपए की राशि देने की पेशकश की थी। जिसकी वजह से विवाद खड़ा हो गया है। केरल की लेफ्ट सरकार जहां इस सहायता राशि को लेने की इच्छुक है। वहीं केंद्र की भाजपा सरकार इससे इंकार कर रही है।

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इसी बीच यूएई के राजदूत अहमद अलबाना ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में किसी भी विशिष्ट राशि को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'बाढ़ और उसके परिणाम के लिए आवश्यक राहत का मूल्यांकन किया जा रहा है। वित्तीय सहायता के रूप में किसी भी विशिष्ट राशि की घोषणा, मुझे नहीं लगता कि अभी तक फाइनल हुई है।'
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जब अलबाना से पूछा गया कि क्या यूएई ने 700 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता की घोषणा नहीं की है तो उन्होंने कहा, 'हां, यह सच है। यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है। इसकी अभी तक घोषणा नहीं हुई है।' इस हफ्ते की शुरुआत में केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा था कि शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, जोकि अबु धाबी के युवराज हैं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के दौरान 700 करोड़ रुपए की सहायता देने की बात कही थी। 
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एक इंटरव्यू के दौरान विजयन ने अपने राज्य के यूएई से विशेष संबंध को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा था, 'यूएई को किसी दूसरे देश के तौर पर नहीं देखना चाहिए।' जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने भारत की नीति को रेखांकित करके इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। अलबाना ने कहा, 'यूएई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मखतूम ने एक राष्ट्रीय आपातकालीन समिति बुलाई। इसका मुख्य उद्देश्य फंड जुटाना, सहायता सामग्री, दवाईयां और दूसरी चीजों को हमारे केरल के दोस्तों तक पहुंचाना था, जो बाढ़ की वजह से त्रस्त हैं।'


गुरुवार को गृहमंत्रालय ने बयान देकर साफ कर दिया कि वह केरल की और सहायता करने के लिए तैयार है। बयान में कहा गया, ‘यह साफ किया गया है कि केंद्र द्वारा जारी 600 करोड़ रूपये केवल अग्रिम सहायता है। तय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नुकसान के आंकलन के बाद एनडीआरएफ की तरफ से अतिरिक्त सहायता जारी की जाएगी।’ 500 करोड़ रुपए की सहायता जहां पीएम मोदी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के बाद प्रदान की थी। वहीं राजनाथ सिंह ने दौरे के बाद राज्य को 100 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है।

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