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Kerala: केरल के नीलांबुर में किशोर की करंट लगने से मौत पर विवाद, उपचुनाव से पहले यूडीएफ ने सरकार को घेरा

Sun, 08 Jun 2025 11:29 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 08 Jun 2025 11:29 AM IST
सार

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ससींद्रन ने कहा कि उपचुनाव से पहले स्थानीय लोगों की भावनाओं को सरकार और वन विभाग के खिलाफ भड़काने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यापक जांच चल रही है। यह घटना एक निजी संपत्ति में हुई, लेकिन मालिक का कहना है कि उसने वहां ऐसी कोई अवैध बाड़ नहीं लगाई है।

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kerala Teen electrocution sparks political row in poll-bound Nilambur
पिनरई विजयन - फोटो : ANI

विस्तार

केरल के नीलांबुर में एक किशोर की करंट लगने से मौत पर विवाद हो गया है। नीलांबुर में 19 जून को उपचुनाव होना है। यही वजह है कि किशोर की मौत राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गई है। विपक्षी गठबंधन यूडीएफ ने आरोप लगाया है कि राज्य की एलडीएफ गठबंधन सरकार की लापरवाही से किशोर की मौत हुई। यूडीएफ कार्यकर्ताओं ने नीलांबुर में सड़क अवरुद्ध कर पुलिस स्टेशन तक मार्च भी किया। वहीं सत्ताधारी एलडीएफ गठबंधन घटना के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका जता रहा है। 
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क्या है पूरा मामला
नीलांबुर के वाझिकाडावु इलाके में एक निजी संपत्ति में जंगली सुअर को पकड़ने के लिए जाल में करंट लगाया गया था। कक्षा 10 में पढ़ने वाला जीतू और उसके तीन दोस्त इस जाल की चपेट में आकर करंट के संपर्क में आ गए। हादसे में जीतू की मौत हो गई और उसके दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हैं। यूडीएफ का आरोप है कि ऐसे अवैध जालों के खिलाफ राज्य सरकार और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है। हालांकि राज्य के वन मंत्री ए के ससींद्रन ने आरोपों से इनकार किया और इसे उपचुनाव से पहले राजनीतिक साजिश करार दिया।
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राजनीतिक विवाद क्यों हुआ
नीलांबुर उपचुनाव में यूडीएफ के उम्मीदवार आर्यदान शौकत और एलडीएफ उम्मीदवार एम स्वराज ने भी शनिवार को उस अस्पताल का दौरा किया, जहां मृत किशोर का शव रखा गया था। दोनों ही उम्मीदवारों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। यूडीएफ उम्मीदवार ने इसे राज्य प्रायोजित हत्या बताया। यूडीएफ ने आरोप लगाया कि केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) की जानकारी में इस तरह के अवैध बिजली के जाल बिछाए गए थे, इसलिए सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ससींद्रन ने कहा कि उपचुनाव से पहले स्थानीय लोगों की भावनाओं को सरकार और वन विभाग के खिलाफ भड़काने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यापक जांच चल रही है। यह घटना एक निजी संपत्ति में हुई, लेकिन मालिक का कहना है कि उसने वहां ऐसी कोई अवैध बाड़ नहीं लगाई है।

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स्थानीय लोगों ने भी कहा कि कल शाम तक ऐसी कोई बाड़ नहीं थी। केएसईबी अधिकारियों ने पुष्टि की कि उन्हें इस बारे में पता नहीं था।' उन्होंने आश्चर्य जताया कि स्थानीय लोगों को कल रात इस घटना के बारे में पता चलने से बहुत पहले यूडीएफ द्वारा मलप्पुरम में एक विरोध मार्च कैसे आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
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