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Sabarimala Gold Case: सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी का मामला, मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी गिरफ्तार
Fri, 17 Oct 2025 08:25 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 17 Oct 2025 08:25 AM IST
सार
केरल हाईकोर्ट में सौंपी गई देवस्वम विजिलेंस रिपोर्ट के अनुसार, उन्निकृष्णन पोट्टी, जिनकी न तो कोई स्थायी आय है और न ही कोई घोषित व्यावसायिक पृष्ठभूमि, ने सबरीमाला मंदिर की कई परियोजनाओं में बिचौलिए की भूमिका निभाई।
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सबरीमाला मंदिर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी के मामले में विशेष जांच टीम ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को गिरफ्तार कर लिया है। बंगलूरू के उद्योगपति पोट्टी को पुलीमठ स्थित उसके आवास से गुरुवार को हिरासत में लिया गया था। इससे पहले क्राइम ब्रांच की टीम तिरुवनंतपुरम में उससे पूछताछ कर रही थी। पूछताछ के बाद विशेष जांच टीम ने उसका बयान दर्ज किया और फिर शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस हिरासत में होगी पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद उन्नीकृष्णन पोट्टी को मेडिकल जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। दोपहर तक उन्नीकृष्णन पोट्टी को पथानमथिट्टा स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया। एसआईटी आगे की जांच के लिए उन्नीकृष्णन पोट्टी की पुलिस हिरासत मांग सकती है। सबरीमाला मंदिर में द्वारपालकों की मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों से सोने की चोरी हुई है। मंदिर की द्वारपालकों की मूर्तियों और दरवाजों पर सोने की परत चढ़ाने के काम में लगभग 4.54 किलोग्राम सोने की कमी के मामले की जांच चल रही है। इसकी जांच के लिए केरल हाईकोर्ट ने एसआईटी गठित की। एसआईटी की टीम त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड के सदस्यों और अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।
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इससे पहले त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड की विजिलेंस टीम ने भी इस मामले की जांच की थी और उन्नीकृष्णन पोट्टी से दो दिनों तक पूछताछ की थी और उसके बयान दर्ज किए थे। बाद में उच्च न्यायालय ने जांच के लिए एसआईटी गठित की। उच्च न्यायालय ने जांच के लिए एसआईटी को छह हफ्ते का समय दिया है।
ये भी पढ़ें- Kolkata: ‘आलो’ थीम में टॉलीगंज का काली पूजा पंडाल करेगा अंधेरे को रौशन, दृष्टिबाधितों को समर्पित विशेष पहल
विजिलेंस रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
केरल हाईकोर्ट में सौंपी गई देवस्वम विजिलेंस रिपोर्ट के अनुसार, उन्निकृष्णन पोट्टी, जिनकी न तो कोई स्थायी आय है और न ही कोई घोषित व्यावसायिक पृष्ठभूमि, ने सबरीमाला मंदिर की कई परियोजनाओं में बिचौलिए की भूमिका निभाई। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सोने की प्लेटिंग का वास्तविक खर्च पोट्टी ने नहीं, बल्कि कई निजी निवेशकों ने वहन किया था। श्रीकोविल के मुख्य दरवाजे की सोने की प्लेटिंग बेल्लारी के व्यापारी गोवर्धन ने कराई, जबकि छत (कट्टिल्ला) की तांबे की प्लेटिंग बेंगलुरु के उद्योगपति अजी कुमार ने प्रायोजित की थी। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पोट्टी केवल एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा था और देवस्वम प्रशासन में अपनी निकटता का उपयोग करके अनुचित प्रभाव डाल रहा था।
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#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala | Unnikrishnan Potti, the prime accused in the Sabarimala gold theft case, has been arrested after over ten hours of questioning by the Special Investigation Team (SIT). The arrest was officially recorded at 2:30 a.m. on Friday. Unnikrishnan… pic.twitter.com/AMqUBpLric
— ANI (@ANI) October 17, 2025
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पुलिस हिरासत में होगी पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद उन्नीकृष्णन पोट्टी को मेडिकल जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। दोपहर तक उन्नीकृष्णन पोट्टी को पथानमथिट्टा स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया। एसआईटी आगे की जांच के लिए उन्नीकृष्णन पोट्टी की पुलिस हिरासत मांग सकती है। सबरीमाला मंदिर में द्वारपालकों की मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों से सोने की चोरी हुई है। मंदिर की द्वारपालकों की मूर्तियों और दरवाजों पर सोने की परत चढ़ाने के काम में लगभग 4.54 किलोग्राम सोने की कमी के मामले की जांच चल रही है। इसकी जांच के लिए केरल हाईकोर्ट ने एसआईटी गठित की। एसआईटी की टीम त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड के सदस्यों और अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।
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इससे पहले त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड की विजिलेंस टीम ने भी इस मामले की जांच की थी और उन्नीकृष्णन पोट्टी से दो दिनों तक पूछताछ की थी और उसके बयान दर्ज किए थे। बाद में उच्च न्यायालय ने जांच के लिए एसआईटी गठित की। उच्च न्यायालय ने जांच के लिए एसआईटी को छह हफ्ते का समय दिया है।
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विजिलेंस रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
केरल हाईकोर्ट में सौंपी गई देवस्वम विजिलेंस रिपोर्ट के अनुसार, उन्निकृष्णन पोट्टी, जिनकी न तो कोई स्थायी आय है और न ही कोई घोषित व्यावसायिक पृष्ठभूमि, ने सबरीमाला मंदिर की कई परियोजनाओं में बिचौलिए की भूमिका निभाई। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सोने की प्लेटिंग का वास्तविक खर्च पोट्टी ने नहीं, बल्कि कई निजी निवेशकों ने वहन किया था। श्रीकोविल के मुख्य दरवाजे की सोने की प्लेटिंग बेल्लारी के व्यापारी गोवर्धन ने कराई, जबकि छत (कट्टिल्ला) की तांबे की प्लेटिंग बेंगलुरु के उद्योगपति अजी कुमार ने प्रायोजित की थी। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पोट्टी केवल एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा था और देवस्वम प्रशासन में अपनी निकटता का उपयोग करके अनुचित प्रभाव डाल रहा था।