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Kerala Court: यूपी के पांच दोषियों को केरल में आजीवन कारावास, पांच साल पहले नाबालिग से हुआ था कुकर्म
Mon, 03 Mar 2025 11:16 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 03 Mar 2025 11:16 PM IST
सार
केरल में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में उत्तर प्रदेश के पांच लोगों को दोषी पाया गया है। यूपी के इन पांच दोषियों को आजीवन कारावास समेत जुर्माने जैसी सजा हुई है। नाबालिग के साथ 14 साल की आयु में पांच साल पहले कुकर्म हुआ था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
केरल में नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में उत्तर प्रदेश के पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पांच साल पहले साल 2020 में हुई नृशंस वारदात के दोषियों को पेरुंबवूर फास्ट ट्रैक (पॉक्सो) विशेष अदालत ने सजा सुनाई।
इन दोषियों ने लड़की को बहलाने के बाद लूटी अस्मत
14 वर्षीय लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले सभी दोषी उत्तर प्रदेश के हैं। पुलिस न बताया कि पॉक्सो कानून के तहत जिला जज दिनेश एम पिल्लई नेफरहाद खान, हारून खान,आशु, फईम और शाहिद को सजा सुनाई। सभी पीड़िता के घर के पास रहते थे और 2020 में प्रवासी मजदूर के रूप में काम करते थे। कोरोना महामारी के समय आरोपियों ने हिंदी बोलने वाली लड़की को सिम कार्ड देकर बहकाया। लड़की का भरोसा जीतने के बाद सभी दोषियों ने अलग-अलग समूह बनाए और लड़की को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर यौन उत्पीड़न किया।
कठोर कारावास के साथ जुर्माने की सजा भी हुई
एक मामले में हारून खान को 40 साल के कठोर कारावास के साथ 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। फरहाद को एक मामले में बरी कर दिया गया, लेकिन दो अन्य मामलों में आजीवन कारावास की सजा हुई। फरहाद को 69 साल का सश्रम कारावास और 1.5 लाख रुपये जुर्माने की सजा भी हुई है।
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दो मामलों में दोहरे आजीवन कारावास का दंड
शाहिद खान को एक मामले में आजीवन कारावास, 20 साल सश्रम कारावास और 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। एक अन्य दोषी आशु को एक मामले में 40 साल सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। एक अन्य दोषी फईम को दो मामलों में दोहरे आजीवन कारावास, 20 साल सश्रम कारावास और 1.5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा मिली।
2020 में सामने आया था यह मामला
पुलिस ने बताया कि 2020 में एलूर थाने में मामला दर्ज होने के बाद चार संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई। थ्रिक्काकारा के सहायक पुलिस आयुक्त बेबी पीवी की जांच पूरी होने के बाद 2021 में आशु और फईम को यूपी से पकड़ा गया। सभी छह आरोपियों के खिलाफ आठ अलग-अलग आरोपपत्र दायर किए गए। अदालत ने सजा सुनिश्चित करने के अलावा पीड़िता को मुआवजा सौंपने का निर्देश भी दिया है।
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इन दोषियों ने लड़की को बहलाने के बाद लूटी अस्मत
14 वर्षीय लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले सभी दोषी उत्तर प्रदेश के हैं। पुलिस न बताया कि पॉक्सो कानून के तहत जिला जज दिनेश एम पिल्लई नेफरहाद खान, हारून खान,आशु, फईम और शाहिद को सजा सुनाई। सभी पीड़िता के घर के पास रहते थे और 2020 में प्रवासी मजदूर के रूप में काम करते थे। कोरोना महामारी के समय आरोपियों ने हिंदी बोलने वाली लड़की को सिम कार्ड देकर बहकाया। लड़की का भरोसा जीतने के बाद सभी दोषियों ने अलग-अलग समूह बनाए और लड़की को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर यौन उत्पीड़न किया।
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कठोर कारावास के साथ जुर्माने की सजा भी हुई
एक मामले में हारून खान को 40 साल के कठोर कारावास के साथ 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। फरहाद को एक मामले में बरी कर दिया गया, लेकिन दो अन्य मामलों में आजीवन कारावास की सजा हुई। फरहाद को 69 साल का सश्रम कारावास और 1.5 लाख रुपये जुर्माने की सजा भी हुई है।
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दो मामलों में दोहरे आजीवन कारावास का दंड
शाहिद खान को एक मामले में आजीवन कारावास, 20 साल सश्रम कारावास और 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। एक अन्य दोषी आशु को एक मामले में 40 साल सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। एक अन्य दोषी फईम को दो मामलों में दोहरे आजीवन कारावास, 20 साल सश्रम कारावास और 1.5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा मिली।
2020 में सामने आया था यह मामला
पुलिस ने बताया कि 2020 में एलूर थाने में मामला दर्ज होने के बाद चार संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई। थ्रिक्काकारा के सहायक पुलिस आयुक्त बेबी पीवी की जांच पूरी होने के बाद 2021 में आशु और फईम को यूपी से पकड़ा गया। सभी छह आरोपियों के खिलाफ आठ अलग-अलग आरोपपत्र दायर किए गए। अदालत ने सजा सुनिश्चित करने के अलावा पीड़िता को मुआवजा सौंपने का निर्देश भी दिया है।