केरल में एकल प्रयोग प्लास्टिक से बनाया गया दुनिया का पहला समुद्री कब्रिस्तान
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समुद्रो, नदियों, तालाबों और झीलों में बढ़ रहे प्रदूषण और उनमें फेंके जा रहे प्लास्टिक से कई तरह की प्रजातियों के लिए खतरा उत्पन्न हो रहा है। इसके प्रति जागरूक करने के लिए केरल के कोझिकोड में प्लास्टिक की बोतलों से दुनिया का पहला मरीन सिमिट्री (समुद्री कब्रिस्तान) बनाया गया है। इसको बनाने के लिए एकल प्रयोग प्लास्टिक का प्रयोग किया गया है।
Kerala:A 'Marine Cemetery' at Beypore Beach has been built using plastic bottles. Captain Aswini Pratap, Port Officer, Kozhikode says,“It's a symbolic reminder & an awareness initiative to make people aware that as we continue to dump plastic,species of fish are being eradicated” pic.twitter.com/ahTZL4wzPl
— ANI (@ANI) December 12, 2019विज्ञापन
इस क्रबिस्तान को जिला प्रशासन के 'क्लीन बीच मिशन और बेपोर पोर्ट विभाग' की मदद से जेलीफिश वाटरस्पोर्ट्स द्वारा कोझिकोड के बेयोर तट पर बनाया गया है। एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक की बोतलों से बना यह ढांचा लुप्त हो रही आठ समुद्री प्रजातियों को श्रद्धांजलि देता है, जिनमें सीहॉर्स, पैरटफिश, लेदरबैक कछुए, ईगल रेज, सॉफिश, डुगॉन्ग, जेबरा शार्क, हैमरहेड मछली और केरल की स्थानिक मीठे पानी की मछली, जिसे मिस केरल कहा जाता है, जैसी प्रजातियां शामिल हैं।
कोझीकोड के पोर्ट ऑफिसर कैप्टन अश्विनी प्रताप ने कहा कि यह एक प्रतीकात्मक अनुस्मारक लोगों को जागरूक करने के लिए एक जागरूकता पहल है, यह हमें बताता है कि अगर हम लगातार प्लास्टिक को नदियों, समुद्रों में फेंकते रहे तो मछलियों की कई प्रजातियां विलुप्त हो जाएंगी।