फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kerala High Court said Human-drawn boundaries won't resolve human-animal conflicts; joint efforts required

Kerala: 'जानवरों के हमले का मानव-निर्मित सीमाएं समाधान नहीं', HC ने संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर दिया जोर

Wed, 21 Feb 2024 02:13 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 21 Feb 2024 02:13 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने सुझाव दिया कि केरल के वायनाड जिले में जंगली जानवरों के घुसपैठ के मुद्दे से निपटने के लिए केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक द्वारा एक संयुक्त कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए।

विज्ञापन
Kerala High Court said Human-drawn boundaries won't resolve human-animal conflicts; joint efforts required
kerala high court - फोटो : PTI

विस्तार

केरल के वायनाड से जंगली जानवरों द्वारा लोगों पर हमले करने की लगातार खबरें आ रही हैं। क्षेत्र में मानव-पशु संघर्ष के स्थाई समाधान की मांग को लेकर हाल ही में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा बुलाई गई हड़ताल ने हिंसक रूप ले लिया था, फिर भी कोई समाधान नहीं निकल सका। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट ने कह दिया है कि मानव द्वारा बनाई गई क्षेत्रीय सीमाएं मानव-पशु संघर्षों को हल करने में मदद नहीं करती हैं। ऐसे हमलों को केवल ठोस प्रयासों से ही नियंत्रित किया जा सकता है।

विज्ञापन


27 फरवरी के लिए सूचीबद्ध किया
हाईकोर्ट ने सुझाव दिया कि केरल के वायनाड जिले में जंगली जानवरों के घुसपैठ के मुद्दे से निपटने के लिए केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक द्वारा अतिरिक्त मुख्य सचिवों के स्तर पर एक संयुक्त कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही अदालत ने मामले को आगे के विचार के लिए 27 फरवरी के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
विज्ञापन


संयुक्त समितियों का गठन हो
न्यायमूर्ति ए के जयशंकरन नांबियार और न्यायमूर्ति गोपीनाथ पी की विशेष पीठ का विचार था कि राज्य सरकारों के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिवों के स्तर पर संयुक्त चर्चा  करना सही होगा ताकि उच्च अधिकारियों से मंजूरी लिए बिना जल्द फैसले लिए जा सकें। पीठ ने कहा कि उम्मीद है कि जल्द ऐसी संयुक्त समितियों का गठन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसने मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, उत्तरी सर्कल, वायनाड को उन खाइयों, बाधाओं और बाड़ का एक नक्शा तैयार करने का भी निर्देश दिया, जो उत्तर और दक्षिण वन्यजीव प्रभागों के अधिकार क्षेत्र में निजी व्यक्तियों और सरकार द्वारा लगाए गए हैं।


पीठ ने 19 फरवरी के अपने आदेश में निर्देश दिया कि नक्शा 10 दिनों के भीतर तैयार किया जाए और मानव-पशु संघर्ष से निपटने के लिए पिछले साल मार्च में अदालत द्वारा गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed