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Hindi News ›   India News ›   Kerala High Court dismisses the anticipatory bail plea submitted by Kerala gold smuggling case accused Swapna Suresh and Sarith PS Latest News Update

Gold Smuggling Case: स्वप्ना सुरेश को झटका, केरल उच्च न्यायालय ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका

Thu, 09 Jun 2022 05:31 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 09 Jun 2022 05:31 PM IST
सार

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनका मानना है कि मुख्यमंत्री विजयन दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज बयान वापस लेने को मजबूर करने के लिए उन्हें हिरासत में रखना चाहते हैं।

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Kerala High Court dismisses the anticipatory bail plea submitted by Kerala gold smuggling case accused Swapna Suresh and Sarith PS Latest News Update
Swapna Suresh (File Photo) - फोटो : iStock

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री केटी जलील की शिकायत पर कथित रूप से झूठी सूचना फैलाने के लिए दर्ज मामले में केरल सोना तस्करी मामले की आरोपी स्वप्ना सुरेश और सरित पीएस की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति विजू अब्राहम की एकल पीठ ने लोक अभियोजक की इस दलील को दर्ज करने के बाद याचिका खारिज कर दी कि सरित को अपराध में भी नहीं फंसाया गया था और इसलिए अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

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इससे पहले सोना तस्करी मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश और सह-आरोपी सरित पीएस ने सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) विधायक की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में अग्रिम जमानत के लिए गुरुवार को केरल उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। विधायक व पूर्व मंत्री केटी जलील ने शिकायत में अपने, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार के बारे में सुरेश द्वारा किए गए खुलासे के पीछे साजिश रचे जाने का आरोप लगाया गया था।
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जलील की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुरेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया था। सुरेश और सरित की संयुक्त याचिका में कहा गया है कि केवल सुरेश ही मामले में आरोपी हैं और उनके द्वारा कथित रूप से किए गए अपराध जमानती हैं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनका मानना है कि मुख्यमंत्री विजयन दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज बयान वापस लेने को मजबूर करने के लिए उन्हें हिरासत में रखना चाहते हैं।

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