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केरल: हाईकोर्ट ने कॉलेज और स्कूलों में सभी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाई
Wed, 26 Feb 2020 06:13 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि।
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 26 Feb 2020 06:13 PM IST
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दिल्ली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बाद हिंसा में हुई मौतों के बाद केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य में स्कूल और कॉलेज परिसरों में किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शनों पर रोक का आदेश दिया है। बता दें कि इससे पहले दिल्ली के जेएनयू और जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के परिसरों में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा और असामाजिक तत्वों की अराजकता देखने को मिली थी।
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बुधवार को केरल हाईकोर्ट ने अपने आदेश में विरोध-प्रदर्शनों से शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य कामकाज के बाधित होने की बात कहते हुए उनके परिसरों में छात्र समूहों के सभी तरह के आंदोलनों पर प्रतिबंध लगा दिया।
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हर तरह के आंदोलन जैसे घेराव और परिसर में धरने पर बैठना आदि पर रोक लगाते हुए उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे विरोध-प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए किसी को भी उकसाकर राजी नहीं किया जा सकता है।
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न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार ने यह भी कहा कि किसी को भी अन्य छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है। शैक्षणिक संस्थान शिक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए हैं, विरोध-प्रदर्शनों के लिए नहीं। अदालत ने यह भी कहा कि शैक्षिक संस्थानों को शांतिपूर्ण चर्चा का एक स्थान बनाया जा सकता है।
हाईकोर्ट का यह फैसला विभिन्न कॉलेजों और स्कूल प्रबंधनों की ओर से दाखिल की गई उस याचिका की सुनवाई के दौरान आया है, जिसमें कहा गया था कि छात्र समूहों के ये विरोध—प्रदर्शन शांतिपूर्ण माहौल को बाधित करने के लिए किए जाते हैं।
बता दें कि अदालत ने पहले भी शिक्षण संस्थानों में धरना और हड़ताल जैसी राजनीतिक गतिविधियों के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। साल 2017 में अदालत ने कहा था कि अगर किसी छात्र को इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो वह संस्थान से बाहर निकाले जाने या उसका दाखिला रद्द किए जाने के लिए खुद उत्तरदायी होगा।