फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kerala HC directs state govt to make all state-run liquor stores as walk-in shops Latest News Update

केरल: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सरकारी शराब की दुकानों को वॉक-इन शॉप बनाने का निर्देश दिया, कही यह बड़ी बात

Thu, 21 Oct 2021 11:04 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 21 Oct 2021 11:04 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के नजदीक शराब का एक ठेका है, जहां लोग अब भी फुटपाथ पर कतार में खड़े दिखते हैं, जबकि कोर्ट ने इसे रोकने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने आबकारी विभाग को नौ नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
Kerala HC directs state govt to make all state-run liquor stores as walk-in shops Latest News Update
केरल हाईकोर्ट - फोटो : social media

विस्तार

केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शराब के ठेकों के बाहर खड़े लोग समानतावादी हैं। उनमें कोई भी गरीबी नहीं है। कोई भी व्यक्ति किसी तरह की सब्सिडी नहीं मांग रहा है। कोई भी आरक्षण की मांग नहीं कर रहा है। ग्राहक धैर्यपूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से दुकानों के बाहर कतारबद्ध खड़े देखे जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि इन ठेकों के बाहर भीड़ घटाने का एकमात्र विकल्प 'वॉक इन शॉप' है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति दीवान रामचंद्रन ने कहा कि शराब ठेकों के बाहर कोई गरीबी नहीं है। कोई भी व्यक्ति सब्सिडी या आरक्षण नहीं चाहता। यह बहुत ही समानतावादी है। हर कोई शांतिपूर्वक और धैर्यपूर्वक कतार में खड़ा है। कोर्ट ने कहा कि जब तक आपके पास अन्य सामान की तरह दुकानें नहीं होंगी, चीजें ठीक नहीं हो सकती। इसे भी अन्य दुकानों की तरह ही बनाने की कोशिश की जाए।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के नजदीक शराब का एक ठेका है, जहां लोग अब भी फुटपाथ पर कतार में खड़े दिखते हैं, जबकि कोर्ट ने इसे रोकने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने आबकारी विभाग को नौ नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसर, केरल हाई कोर्ट में एक अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिसमें कोर्ट 2017 के फैसले का अनुपालन नहीं हो रहा है। इस फैसले में कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि दुकानों की वजह से त्रिशूर के एक इलाके में कारोबार और निवासियों को किसी तरह की असुविधा न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed